डुमरांव विधायक की अध्यक्षता में 38 प्रधानाध्यापकों संग बैठक, शिक्षा की गुणवत्ता से लेकर आधारभूत ढांचे तक पर हुई चर्चा
डुमरांव स्थित राज प्लस 2 उच्च विद्यालय परिसर में शुक्रवार को डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के सभी 38 उच्च तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) की भूमिका को और अधिक सशक्त करना तथा शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों के भौतिक व प्रशासनिक विकास पर व्यापक समीक्षा करना था। इस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय विधायक सह एसएमडीसी के अध्यक्ष डॉ. अजित कुमार सिंह ने की।

-- बैठक में विद्यालयों के समग्र विकास पर किया गया मंथन, दी गई कई अहम जानकारियां
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव स्थित राज प्लस 2 उच्च विद्यालय परिसर में शुक्रवार को डुमरांव विधानसभा क्षेत्र के सभी 38 उच्च तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) की भूमिका को और अधिक सशक्त करना तथा शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों के भौतिक व प्रशासनिक विकास पर व्यापक समीक्षा करना था। इस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय विधायक सह एसएमडीसी के अध्यक्ष डॉ. अजित कुमार सिंह ने की।
बैठक में सबसे अहम विषय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर रहा। विधायक डॉ. सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का आधार शिक्षा है, इसलिए आवश्यक है कि विद्यालयों में बेहतर पठन-पाठन वातावरण उपलब्ध हो। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों की सक्रियता और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति ही शिक्षा सुधार का आधार है। इस दौरान छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति पर चर्चा की गई।
-- आधारभूत ढांचा और डिजिटल शिक्षा पर फोकस
बैठक में विद्यालयों के आधारभूत ढांचे की समीक्षा की गई। शौचालय, पेयजल, कक्षा-कक्षों की स्थिति, पुस्तकालय और खेल-कूद की सुविधाओं पर प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव साझा किए। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक उपकरण और इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता को लेकर भी सुझाव दिए गए। विधायक ने आश्वासन दिया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति दी जाएगी ताकि छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जा सके।
-- स्वच्छता और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
विद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर भी बल दिया गया। प्रधानाध्यापकों ने माना कि स्वच्छ वातावरण में ही बच्चे स्वस्थ और सक्रिय रह सकते हैं। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सरकार की विभिन्न शिक्षा संबंधी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, पोषाहार, वर्दी, पुस्तक वितरण आदि का समय पर और पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन हो।
-- प्रधानाध्यापकों ने रखी अपनी बात
बैठक में सभी 38 उच्च तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने अपने-अपने विद्यालय की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और उपलब्धियों को साझा किया। कई विद्यालयों में संसाधनों की कमी, भवनों की जर्जर अवस्था, और अतिरिक्त शिक्षकों की आवश्यकता जैसी बातें सामने आईं। वहीं कुछ विद्यालयों ने अपनी सफल पहल का अनुभव भी साझा किया, जिससे अन्य विद्यालय प्रेरणा ले सकते हैं।
-- प्रशासनिक समन्वय की सराहना
शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने एसएमडीसी की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय प्रबंधन समितियाँ सक्रिय भूमिका निभाएंगी, तो शिक्षा सुधार के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।
करीब तीन घंटे चली इस बैठक ने न केवल शैक्षणिक उन्नयन की राह दिखाई, बल्कि प्रशासनिक समन्वय को भी मजबूत करने का अवसर दिया। विधायक डॉ. अजित कुमार सिंह ने सभी प्रधानाध्यापकों को भरोसा दिलाया कि शिक्षा की बेहतरी के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आने वाले दिनों में डुमरांव क्षेत्र के विद्यालय शिक्षा गुणवत्ता और विकास कार्यों की दृष्टि से एक नई मिसाल कायम करेंगे।