फर्नीचर की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, पुलिस ने किया भंडाफोड़

अनुमंडल के वासुदेवा थाना क्षेत्र में फर्नीचर बनाने की आड़ में अवैध हथियारों के निर्माण का खेल चल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

फर्नीचर की आड़ में चल रही थी मिनी गन फैक्ट्री, पुलिस ने किया भंडाफोड़

__ वासुदेवा में अवैध हथियार कारोबार का खुलासा, दो गिरफ्तार; दो देसी कट्टा, एकनाली बंदूक समेत हथियार बनाने के भारी उपकरण बरामद

केटी न्यूज/डुमरांव :

अनुमंडल के वासुदेवा थाना क्षेत्र में फर्नीचर बनाने की आड़ में अवैध हथियारों के निर्माण का खेल चल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान दो देसी कट्टा, एक एकनाली बंदूक, एक अर्धनिर्मित देसी कट्टा, खोखा, कारतूस समेत हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले बड़ी संख्या में उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में अवैध हथियार निर्माण के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

शुक्रवार को डुमरांव  एसडीपीओ भास्कर रंजन ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य को 22 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि वासुदेवा थाना क्षेत्र के बिंद टोली निवासी बीगन बिंद अपने घर से अवैध हथियारों का कारोबार कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर डुमरांव एसडीपीओ भास्कर रंजन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने सूचना का सत्यापन करते हुए छापेमारी की और बीगन बिंद को एक देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर लिया।

__ निशानदेही पर खुली मिनी गन फैक्ट्री की परतें

पूछताछ और आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने नवानगर थाना क्षेत्र के एक घर में छापेमारी की। यहां से संतोष शर्मा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, इसी ठिकाने से मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ और अवैध हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।बरामद सामान में दो देसी कट्टा, एक एकनाली बंदूक, एक अर्धनिर्मित देसी कट्टा, एक खोखा और कारतूस के अलावा 22 ग्राम गांजा भी शामिल है। पुलिस को 26 छोटे-बड़े छेनी, 20 छोटे-बड़े लोहे के समा, अर्धनिर्मित हथियारों के पुर्जे, दो ट्रिमर, दो हमर, देसी कट्टा का एक माथा, सेंटर पंच, लोहे का मारकट, चार प्लास, आठ सड़सी, लोहे काटने वाली कैंची, छोटे-बड़े लोहे के पाइप, रेती, हथौड़ी, रीमर, निहाई, गुनिया, जमूरा, पुरानी ग्राइंडर मशीन, हवा देने वाली भट्ठी और 13 छोटे-बड़े स्प्रिंग समेत अन्य उपकरण मिले हैं।

__ छह-सात महीने से सक्रिय था गिरोह

एसडीपीओ भास्कर रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपित पिछले छह-सात महीने से अवैध हथियार निर्माण के धंधे में जुड़े थे। पुलिस अब उनके आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ हथियारों की आपूर्ति और खरीद-बिक्री से जुड़े बैकवर्ड व फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस कारोबार में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।कार्रवाई में डुमरांव पुलिस, वासुदेवा थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की टीम शामिल थी। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।