ब्रह्मपुर में बिजली चोरी पर छापा, जांच दल से धक्का-मुक्की, धमकी और मोबाइल छीनने का आरोप
बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में बड़ा हंगामा सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने गई बिजली विभाग की जांच टीम पर न केवल जांच में बाधा डालने, बल्कि धमकी, गाली-गलौज और सरकारी साक्ष्य नष्ट करने की गंभीर कोशिश का आरोप लगा है। इस मामले में विभाग ने विद्युत अधिनियम 2003 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र में बड़ा हंगामा सामने आया है। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने गई बिजली विभाग की जांच टीम पर न केवल जांच में बाधा डालने, बल्कि धमकी, गाली-गलौज और सरकारी साक्ष्य नष्ट करने की गंभीर कोशिश का आरोप लगा है। इस मामले में विभाग ने विद्युत अधिनियम 2003 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।कनीय विद्युत अभियंता के नेतृत्व में गठित जांच दल जब पांडेयपुर महुआर पंचायत के पांडेयपुर स्थित अनिल पांडेय के परिसर में पहुंचा, तो वहां उपभोक्ता संख्या 218510108798 के नाम दर्ज मीटर संख्या ।7122416 से अवैध तरीके से बिजली उपयोग किए जाने के साक्ष्य मिले।

आरोप है कि मीटर के इनपुट सर्विस तार से पहले अवैध तरीके से कनेक्शन काटकर अतिरिक्त तार जोड़ा गया था, जिससे मीटर को बायपास कर घरेलू उपकरणों का संचालन किया जा रहा था।इस कृत्य से विभाग को लगभग 80,924 रुपये की राजस्व क्षति होने का आकलन किया गया है। जांच में कुल 2.271 किलोवाट का अवैध भार उपयोग पाया गया।जांच के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई जब अभियुक्त और उसके 4-5 सहयोगियों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और कथित रूप से झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि जांच के दौरान वीडियो साक्ष्य रिकॉर्ड कर रहे अभियंता का मोबाइल फोन छीन लिया गया और साक्ष्य डिलीट करने की कोशिश की गई।

हंगामे के कारण तत्काल बिजली कनेक्शन विच्छेद और मीटर जब्ती की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।घटना की सूचना पर ब्रह्मपुर थाने की गश्ती पार्टी मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में दोबारा कार्रवाई की कोशिश की गई, लेकिन तब भी विरोध के चलते केवल पोल से आंशिक तार विच्छेदन ही संभव हो पाया। इस मामले में ब्रह्मपुर जेई अमित कुमार राय के बयान पर ब्रह्मपुर थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने, साक्ष्य से छेड़छाड़ और बिजली चोरी का संगठित प्रयास बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।मामले ने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में बढ़ते विरोध और कानून-व्यवस्था की चुनौती को उजागर कर दिया है। अब निगाहें पुलिस कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज होने पर टिकी हैं।

