बलिया–आरा के साथ अब डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल मार्ग की मांग ने पकड़ा जोर

बलिया–आरा एवं बलिया–रघुनाथपुर रेल परियोजनाओं की मांग के बीच अब एक बार फिर डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल मार्ग निर्माण की मांग तेज हो गई है। बलिया डुमरांव डेहरी रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति ने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर बलिया–आरा प्रस्तावित रेल मार्ग का एलाइनमेंट जगजीवन हाल्ट की बजाय डुमरांव स्टेशन से करने तथा डुमरांव–बलिया–डेहरी नई रेल लाइन निर्माण की मांग उठाई है।

बलिया–आरा के साथ अब डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल मार्ग की मांग ने पकड़ा जोर

__ रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर डुमरांव स्टेशन से एलाइनमेंट करने की उठी मांग

केटी न्यूज/डुमरांव

बलिया–आरा एवं बलिया–रघुनाथपुर रेल परियोजनाओं की मांग के बीच अब एक बार फिर डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल मार्ग निर्माण की मांग तेज हो गई है। बलिया डुमरांव डेहरी रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति ने रेल मंत्री को ज्ञापन भेजकर बलिया–आरा प्रस्तावित रेल मार्ग का एलाइनमेंट जगजीवन हाल्ट की बजाय डुमरांव स्टेशन से करने तथा डुमरांव–बलिया–डेहरी नई रेल लाइन निर्माण की मांग उठाई है।समिति के संस्थापक सह महासचिव उमेश गुप्ता रौनियार द्वारा स्टेशन प्रबंधक डुमरांव के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि डुमरांव सात प्रखंडों का प्रमुख रेलवे स्टेशन होने के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक, पर्यटन एवं व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है।

ज्ञापन में डुमरांव की पहचान राजा भोज की नगरी, नवरत्न किला, विश्व विख्यात शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की कर्मभूमि तथा प्रशासनिक व शैक्षणिक केंद्र के रूप में बताई गई है।ज्ञापन में कहा गया है कि डुमरांव क्षेत्र में बी-सैप 18, एमपीटीसी 3 बटालियन, अनुमंडल अस्पताल, सिविल कोर्ट, नवोदय विद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय तथा पशुपालन प्रजनन केंद्र सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान स्थित हैं। इसके अलावा नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 150 करोड़ की लागत से स्पेशल इकोनॉमिक जोन तथा कोका-कोला और इथेनॉल प्लांट जैसी बड़ी परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं। ऐसे में रेल संपर्क बढ़ने से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।

समिति ने दावा किया कि यदि बलिया–आरा रेल परियोजना का एलाइनमेंट डुमरांव स्टेशन से किया जाता है तो दूरी 71 किलोमीटर से घटकर लगभग 19 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे परियोजना की लागत और निर्माण समय दोनों में कमी आएगी। वहीं प्रस्तावित डुमरांव–बलिया–डेहरी रेल लाइन बनने से वर्तमान में 10 से 12 घंटे की यात्रा मात्र दो से तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।समिति ने प्रधानमंत्री, पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर, गोरखपुर एवं दानापुर मंडल को भी ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी है। ज्ञापन सौंपने वालों में विमलेश कुमार सिंह, पवन कुमार गुप्ता, मोहन जायसवाल, रवि रंजन सिंह, दीनानाथ कुशवाहा, कमलेश कुमार और धीरज शर्मा समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।