नगर परिषद की पुरानी खरीदारी पर उठे सवाल, जांच की मांग के बीच विकास योजनाओं को मिली रफ्तार
नगर परिषद डुमरांव की मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक में जहां शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं पिछले वर्षों में हुई खरीदारी और विभागीय कार्यों की जांच की मांग ने बैठक का केंद्र बिंदु बना दिया। पार्षदों ने विकास योजनाओं के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।


__ बोर्ड बैठक में पीसीसी सड़क, नाली निर्माण, वाटर एटीएम, स्ट्रीट लाइट और राजस्व बढ़ाने पर बनी सहमति, पार्षदों ने पारदर्शिता पर दिया जोर
केटी न्यूज/डुमरांव
नगर परिषद डुमरांव की मंगलवार को आयोजित बोर्ड बैठक में जहां शहर के विकास कार्यों को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सहमति बनी, वहीं पिछले वर्षों में हुई खरीदारी और विभागीय कार्यों की जांच की मांग ने बैठक का केंद्र बिंदु बना दिया। पार्षदों ने विकास योजनाओं के साथ-साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।नगर परिषद कार्यालय के सभागार में कार्यकारी सभापति विकास कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी वार्ड पार्षदों ने भाग लिया। बैठक का संचालन स्वच्छता पदाधिकारी राजीव कुमार ने किया। शुरुआत में वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर कुछ देर तक चर्चा और बहस हुई, जिसके बाद विभिन्न एजेंडों पर क्रमवार विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में वार्ड संख्या 8 और 9 के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों की योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड नहीं किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इस पर कार्यकारी सभापति ने आश्वासन दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी वार्डों की योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड कर उनकी प्रतियां संबंधित पार्षदों को उपलब्ध करा दी जाएंगी।शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर बैठक में प्रत्येक वार्ड में दो-दो पीसीसी सड़क और आरसीसी नाली निर्माण के लिए निविदा जारी करने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति मिली। सार्वजनिक स्थलों और विद्यालय परिसरों में मिनी वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया। हालांकि कई पार्षदों ने पहले से स्थापित वाटर एटीएम को चालू कराने और आवश्यकता के अनुसार सर्वेक्षण के बाद नई इकाइयां लगाने की मांग की।

बैठक के दौरान नगर परिषद के मास्टर रोल कर्मियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, उनके वेतन वृद्धि प्रस्ताव तथा होल्डिंग टैक्स वसूली को लेकर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से तीन माह तक बिना ब्याज और जुर्माना के होल्डिंग टैक्स जमा करने का प्रस्ताव रखा। वहीं डीके कॉलेज के समीप पेयजल सुविधा और सामुदायिक शौचालय निर्माण की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।बैठक का सबसे चर्चित मुद्दा नगर परिषद में पूर्व में हुई खरीदारी और विभिन्न विभागीय कार्यों की जांच को लेकर रहा। वार्ड 18 की पार्षद अनु कुमारी ने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कई ऐसी सामग्रियों की खरीद की गई, जिनका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से कंपैक्टर मशीन और हाईमास्ट लाइट की खरीद प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की। इस प्रस्ताव को अन्य पार्षदों का भी समर्थन मिला और जांच के लिए टीम गठित करने पर गंभीरता से विचार किया गया।

वार्ड 23 के पार्षद धीरेंद्र निराला ने नल-जल योजना के अधूरे कनेक्शनों का मामला उठाते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। वहीं पार्षद अमर पासवान ने नया थाना से नहर तक लंबित नाला सफाई कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की आवश्यकता बताई। स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर स्वच्छता पदाधिकारी ने जानकारी दी कि इसके लिए अगस्त माह में टेंडर जारी किया जाएगा।बैठक में आवास योजना से जुड़ी शिकायतों पर सिटी मैनेजर स्तुति सिन्हा ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत सीधे नगर परिषद कार्यालय में दर्ज कराई जा सकती है, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सैरात बंदोबस्ती, सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति और नगर परिषद की आय बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में स्थानीय विधायक प्रतिनिधि सहित नगर परिषद के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

