आठ महीने के प्रेम संबंध का खूनी अंजाम: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर उतारा मौत के घाट, नहर में फेंक दी लाश

बासुदेवा थाना क्षेत्र के कुलमनपुर गांव के समीप डुमरांव नहर लाइन मार्ग से बरामद अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने महज कुछ दिनों में सुलझाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या किसी आपराधिक रंजिश का नहीं, बल्कि प्रेम संबंध में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने की सुनियोजित साजिश का नतीजा थी।

आठ महीने के प्रेम संबंध का खूनी अंजाम: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर उतारा मौत के घाट, नहर में फेंक दी लाश

__ तकनीकी जांच से खुला हत्याकांड का राज, गड़ासी, बाइक और मोबाइल बरामद; तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

केटी न्यूज/डुमरांव-नावानगर

बासुदेवा थाना क्षेत्र के कुलमनपुर गांव के समीप डुमरांव नहर लाइन मार्ग से बरामद अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने महज कुछ दिनों में सुलझाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार यह हत्या किसी आपराधिक रंजिश का नहीं, बल्कि प्रेम संबंध में बाधा बन रहे पति को रास्ते से हटाने की सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। मामले में मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।बासुदेवा थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान ने बताया कि काराकाट थाना क्षेत्र के डेरा चांदी गांव निवासी वीरेंद्र सिंह की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी ममता देवी और उसके कथित प्रेमी अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त गड़ासी, एक टीवीएस मोटरसाइकिल, एक एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल समेत अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में सामने आया कि वीरेंद्र सिंह और अरविंद कुमार घनिष्ठ मित्र थे। दोनों साथ मिलकर खेती-बाड़ी करते थे और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। इसी दौरान वीरेंद्र अपनी पत्नी को मायके से लाने-ले जाने के लिए कई बार अरविंद को भेजता था। पुलिस के अनुसार इसी आवागमन के दौरान करीब आठ महीने पहले ममता देवी और अरविंद कुमार के बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ, जो बाद में अवैध संबंध में बदल गया। दोनों साथ जीवन बिताना चाहते थे, लेकिन वीरेंद्र उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा था। जब मृतक को इस संबंध की भनक लगी तो पति-पत्नी के बीच विवाद और मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।

जांच के मुताबिक 19 जुलाई की रात दोनों आरोपितों ने मिलकर गड़ासी से वीरेंद्र सिंह का गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने की नीयत से शव को नग्न अवस्था में नहर में फेंक दिया गया।21 जुलाई की सुबह कुलमनपुर गांव के समीप नहर में अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए उसकी पहचान का प्रयास शुरू किया। शव की तस्वीर और पहचान चिह्नों को समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया गया। 23 जुलाई को मृतक के परिजन बासुदेवा थाना पहुंचे और शव की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में की।इसके बाद मृतक के छोटे भाई जितेंद्र सिंह के बयान पर बासुदेवा थाना कांड संख्या 94/26 दर्ज किया गया।

पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया, जिससे संदेह की सुई मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी तक पहुंची। पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।इस हत्याकांड ने तीन मासूम बच्चों की दुनिया उजाड़ दी। पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद दो बेटियों और एक बेटे के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब उनके चाचा जितेंद्र सिंह पर आ गई है। गांव में घटना को लेकर शोक और चर्चा का माहौल है।थानाध्यक्ष अनिल कुमार पासवान ने बताया कि मामले में पर्याप्त तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। हत्या में प्रयुक्त हथियार समेत अन्य सामान बरामद कर लिया गया है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।