स्कूल में शर्मनाक करतूत: नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में दो शिक्षक निलंबित, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय के दो शिक्षकों पर अपनी ही नाबालिग छात्राओं का महीनों तक यौन शोषण करने, उन्हें बहला-फुसलाकर स्कूल अवधि में बाहर ले जाने तथा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

स्कूल में शर्मनाक करतूत: नाबालिग छात्राओं के यौन शोषण के आरोप में दो शिक्षक निलंबित, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

__ महीनों तक छात्राओं को बहला-फुसलाकर स्कूल आवर में बाहर ले जाने और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप, ग्रामीणों ने शिक्षकों की जमकर की है पिटाई

केटी न्यूज/बक्सर 

बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। विद्यालय के दो शिक्षकों पर अपनी ही नाबालिग छात्राओं का महीनों तक यौन शोषण करने, उन्हें बहला-फुसलाकर स्कूल अवधि में बाहर ले जाने तथा आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। शनिवार को ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर दोनों शिक्षकों को पकड़ लिया और उनके साथ मारपीट की। इस दौरान एक शिक्षक का मोबाइल भी ग्रामीणों ने अपने कब्जे में ले लिया। मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें मिलने की बात सामने आ रही है। इनमें से कुछ सामग्री वायरल होने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ गया।

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। एसपी शुभम आर्य के निर्देश पर डुमरांव के प्रभारी एसडीपीओ समीर कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम तथा महिला थाना पुलिस गांव पहुंची और छात्राओं के परिजनों से जानकारी जुटाई। पुलिस वायरल सामग्री, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। छात्राओं से जुड़े मामले में पुलिस पॉक्सो एक्ट समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी में है।

__ स्कूल आवर में बाहर ले जाने का आरोप

जानकारी के अनुसार दोनों शिक्षक अलग-अलग समय पर अलग-अलग छात्राओं को बहला-फुसलाकर विद्यालय से बाहर ले जाते थे। आरोप है कि स्कूल अवधि में ही छात्राओं को होटल अथवा अन्य स्थानों पर ले जाकर उनके साथ आपत्तिजनक हरकत की जाती थी और उसका वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किया जाता था। बाद में इसी वीडियो के आधार पर छात्राओं को धमकाने और ब्लैकमेल करने के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

__दो शिक्षकों पर विभागीय गाज

मामला संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग निलंबन आदेश जारी कर दिया। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से संबद्ध किया गया है। विभाग ने आगे औपचारिक आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्रवाई की बात कही है।

__प्रधानाध्यापक और विभाग की भूमिका पर सवाल

घटना ने शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोपों के अनुसार यह गतिविधियां महीनों से चल रही थीं, तो विद्यालय के प्रधानाध्यापक और अन्य जिम्मेदार लोगों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? यदि किसी स्तर पर जानकारी मिली थी तो तत्काल पुलिस और विभाग को सूचना क्यों नहीं दी गई? दूसरी ओर, मामला सामने आने के बाद केवल निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त है या नहीं, यह सवाल भी अभिभावकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्रामीणों का आरोप है कि वीडियो वायरल होने और मामला सार्वजनिक होने के बाद ही पुलिस तथा विभाग सक्रिय हुआ। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि छात्राओं के साथ वास्तव में क्या हुआ, इसमें कितने लोग शामिल हैं और वायरल सामग्री की वास्तविकता क्या है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।