खेल-खेल में पढ़ाई की पहल ने दिलाया राजकीय शिक्षक पुरस्कार
डुमरांव प्रखंड के पिछड़े इलाके में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों का परिणाम अब सम्मान के रूप में सामने आया है। नथूनी अहिर के डेरा स्थित विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को इस वर्ष राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

__ नवाचारी शिक्षण पद्धति से बच्चों में जगाई पढ़ाई की रुचि, डुमरांव के मो. इमाम अली अंसारी को मिलेगा सम्मान
केटी न्यूज/बक्सर।
डुमरांव प्रखंड के पिछड़े इलाके में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों का परिणाम अब सम्मान के रूप में सामने आया है। नथूनी अहिर के डेरा स्थित विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो. इमाम अली अंसारी को इस वर्ष राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षा विभाग की ओर से राज्यभर के चयनित 38 शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाना है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा के निदेशक कुमार निशांत विवेक ने पत्र जारी कर चयनित शिक्षकों की जानकारी दी है।

बक्सर जिले से मो. इमाम अली अंसारी का चयन किया गया है। पटना स्थित कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किए जाने की तैयारी है।मो. इमाम अली अंसारी ने शिक्षा के पारंपरिक तरीकों से अलग हटकर बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की नवाचारी पद्धति को अपनाया है। इसका असर विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि पर भी देखने को मिलता है। खास बात यह है कि उनके शिक्षण के तरीके से प्रभावित होकर आसपास के दूसरे विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी यहां पहुंचते हैं।

विद्यालय में मध्याह्न भोजन के बाद अक्सर बच्चों की उपस्थिति कम होने की समस्या देखी जाती है, लेकिन प्रधानाध्यापक की गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था के कारण यहां भोजन के बाद भी बच्चों की संख्या में अपेक्षित कमी नहीं आती। उन्होंने पढ़ाई को बच्चों के लिए बोझ के बजाय रुचिकर गतिविधि बनाने पर जोर दिया है।पिछड़े क्षेत्र के बच्चों में शिक्षा के प्रति लगाव पैदा करने और विद्यालय को आकर्षण का केंद्र बनाने की उनकी पहल को अब राज्यस्तरीय पहचान मिली है। राजकीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन होने से विद्यालय परिवार और जिले के शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है।

