इंटरमीडिएट परीक्षा की सख्ती परखी: डीएम ने केंद्रों का औचक निरीक्षण, कदाचार पर जीरो टॉलरेंस

इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी साहिला ने सोमवार को जिले के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक सख्ती और व्यवस्था की तत्परता साफ दिखाई दी।

इंटरमीडिएट परीक्षा की सख्ती परखी: डीएम ने केंद्रों का औचक निरीक्षण, कदाचार पर जीरो टॉलरेंस

केटी न्यूज/बक्सर

इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी साहिला ने सोमवार को जिले के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक सख्ती और व्यवस्था की तत्परता साफ दिखाई दी।जिला दंडाधिकारी ने एमवी कॉलेज बक्सर तथा एमपी उच्च विद्यालय, रामरेखा घाट बक्सर स्थित परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा, अनुशासन और संचालन व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।उन्होंने केंद्रों पर तैनात दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, केंद्राधीक्षक और वीक्षकों से संवाद कर परीक्षा संचालन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की।

निरीक्षण के क्रम में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी भ्रमणशील रहेंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता सर्वोपरि है, इसलिए कदाचार की किसी भी आशंका पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रवेश-निकास व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, वीक्षण कक्षों की सतर्कता तथा परीक्षार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।डीएम साहिला ने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों पर शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल सतर्क रहे और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित किया जाए।

साथ ही, परीक्षार्थियों के साथ मानवीय व्यवहार रखते हुए नियमों का सख्ती से अनुपालन कराया जाए, ताकि भयमुक्त माहौल में वे परीक्षा दे सकें।प्रशासन की इस सक्रियता से स्पष्ट है कि जिले में परीक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। निरीक्षण से न केवल केंद्रों की तैयारियों की परख हुई, बल्कि यह संदेश भी गया कि निष्पक्ष परीक्षा में बाधा डालने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है। इससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भरोसा बढ़ा है कि इंटरमीडिएट परीक्षा पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न होगी।