आचार्य सम्मेलन में उभरा संस्कारयुक्त शिक्षा का मॉडल, प्रतिस्पर्धाओं से निखरी प्रतिभा

शहर के अहिरौली स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विभागीय आचार्य सम्मेलन सोमवार को उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में भोजपुर और बक्सर जिले के सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिरों से आए करीब ढाई सौ से अधिक आचार्यों ने सहभागिता कर शैक्षणिक अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

आचार्य सम्मेलन में उभरा संस्कारयुक्त शिक्षा का मॉडल, प्रतिस्पर्धाओं से निखरी प्रतिभा

-- सरस्वती विद्या मंदिर में तीन दिवसीय विभागीय सम्मेलन का समापन, शैक्षणिक सत्रों के साथ खेल-कूद व सांस्कृतिक गतिविधियों ने बांधा समां

केटी न्यूज/बक्सर

शहर के अहिरौली स्थित सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विभागीय आचार्य सम्मेलन सोमवार को उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में भोजपुर और बक्सर जिले के सरस्वती शिशु मंदिर एवं विद्या मंदिरों से आए करीब ढाई सौ से अधिक आचार्यों ने सहभागिता कर शैक्षणिक अनुभवों का आदान-प्रदान किया।समापन समारोह का उद्घाटन बांका विभाग के विभाग निरीक्षक ब्रह्मदेव प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विद्या भारती के विद्यालयों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि संस्कार, संस्कृति और जीवन मूल्यों के साथ जुड़कर बालकों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनती है।

उन्होंने पंचपदी शिक्षण पद्धति, पंचकोश अवधारणा और पांच केंद्रीय आधारभूत विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति को जीवन में सफल बनाती है। साथ ही उन्होंने भारतीय दर्शन, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से बच्चों को जोड़ने पर विशेष बल दिया।सम्मेलन के दौरान शैक्षणिक सत्रों के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक और शारीरिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया। सामूहिक गीत, सूर्य नमस्कार, समता, सुलेख, जलेबी दौड़ और चम्मच दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

सुलेख प्रतियोगिता में मदन कुमार पांडेय (अहिरौली), संजीव कुमार (नया बाजार) और सुप्रिया पाठक (औद्योगिक क्षेत्र) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता में बालिका वर्ग से रिद्धि कुमारी, प्रीति कुमारी और सुप्रिया कुमारी जबकि बालक वर्ग से अविनाश कुमार, प्रिंस दुबे और सत्येंद्र कुमार ने स्थान प्राप्त किया। सामूहिक गीत व समता प्रतियोगिता में बालिका खंड बक्सर प्रथम, बाली सोनवर्षा द्वितीय और अहिरौली तृतीय स्थान पर रहा।प्रतियोगिताओं में सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

अनुभव कथन सत्र में माधुरी पाठक, कुणाल कुमार, विनोद सिंह, रूबी कुमारी और कृति कुमारी ने सम्मेलन से मिली सीख साझा की।कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन जिला निरीक्षक गंगा चौधरी ने किया। अंत में विभाग प्रमुख लालबाबू प्रसाद यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में आचार्य, प्रधानाचार्य और विद्या भारती से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिससे आयोजन पूरी तरह सफल और स्मरणीय बन गया।