डुमरांव में फाइलेरिया पर निर्णायक वार: 10 से 24 फरवरी तक चलेगा घर-घर दवा वितरण अभियान
डुमरांव प्रखंड को फाइलेरिया जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी से मुक्त कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में 10 से 24 फरवरी तक विशेष जनजागरूकता सह दवा वितरण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे और बीमारी की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव प्रखंड को फाइलेरिया जैसी गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी से मुक्त कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में 10 से 24 फरवरी तक विशेष जनजागरूकता सह दवा वितरण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराएंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे और बीमारी की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।अभियान को प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए बीडीओ संदीप कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में माइक्रो प्लान को अंतिम रूप देते हुए यह तय किया गया कि किस क्षेत्र में कौन जिम्मेदार होगा और निगरानी कैसे की जाएगी।

बीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सिर्फ स्वास्थ्य विभाग का नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी का अभियान है, जिसमें सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों को समन्वय के साथ काम करना होगा।फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में आंगनबाड़ी सेविका, आशा कार्यकर्ता और एएनएम को मुख्य भूमिका दी गई है। ये स्वास्थ्यकर्मी न केवल दवा का वितरण करेंगी, बल्कि लोगों को फाइलेरिया के लक्षण, इसके दुष्परिणाम और समय पर दवा सेवन के लाभ के बारे में भी जागरूक करेंगी। दवा का सेवन लाभार्थियों के सामने ही कराया जाएगा, ताकि किसी तरह की लापरवाही या भ्रांति की गुंजाइश न रहे।

बताया गया कि 10 फरवरी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरांव में विधिवत उद्घाटन के साथ अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद पूरे प्रखंड की पंचायतों और गांवों में एक साथ दवा वितरण किया जाएगा।बीड़ीओ संदीप कुमार पाण्डेय ने आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है। पीएचसी प्रभारी डॉ. आर.बी. प्रसाद ने भी बताया कि समय पर रोकथाम नहीं होने पर फाइलेरिया गंभीर विकलांगता का कारण बन सकता है। ऐसे में यह अभियान डुमरांव के लिए स्वस्थ भविष्य की ओर एक मजबूत कदम है।

