आपदा से पहले तैयारी: डुमरांव में मॉकड्रिल ने सिखाया भूकंप से बचाव का सही तरीका
प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे के बीच डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को भूकंप से निपटने की तैयारी को लेकर व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों को आपदा के समय सही और सुरक्षित निर्णय लेने के लिए मानसिक व व्यवहारिक रूप से तैयार करना रहा।
केटी न्यूज/डुमरांव
प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे के बीच डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में सोमवार को भूकंप से निपटने की तैयारी को लेकर व्यापक स्तर पर मॉकड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम लोगों को आपदा के समय सही और सुरक्षित निर्णय लेने के लिए मानसिक व व्यवहारिक रूप से तैयार करना रहा।अनुमंडल अग्निशमालय पदाधिकारी शिखा कुमारी के नेतृत्व में आयोजित इस मॉकड्रिल में शिक्षा संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष रूप से शामिल किया गया।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरांव, मध्य विद्यालय कुलहवा, प्राथमिक विद्यालय महरौरा, मध्य विद्यालय कुशलपुर और सोनवर्षा के ग्राम वाली में अभ्यास कराकर यह संदेश दिया गया कि आपदा के समय हर वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।मॉकड्रिल के दौरान छात्रों, शिक्षकों, डॉक्टरों, अस्पताल कर्मियों, मरीजों और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। अभ्यास के माध्यम से बताया गया कि भूकंप के दौरान घबराहट सबसे बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसी स्थिति में ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड’ की प्रक्रिया अपनाकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लोगों को यह भी समझाया गया कि खिड़कियों, भारी अलमारियों और बिजली से जुड़े उपकरणों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

अग्निशमन विभाग की ओर से यह जानकारी भी दी गई कि यदि किसी के भवन में फंसे होने की आशंका हो तो स्वयं जोखिम उठाने के बजाय तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम राहत कार्य शुरू कर सके।कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि आपदा से डरने के बजाय तैयारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। अंत में लोगों से अपील की गई कि वे मॉकड्रिल में सीखी गई जानकारियों को अपने परिवार और पड़ोस तक पहुंचाएं, ताकि संकट की घड़ी में पूरा समाज मिलकर सुरक्षित रह सके।

