कड़ी निगरानी में डुमरांव में इंटर परीक्षा का सफल आगाज़, प्रशासनिक सख्ती बनी पहचान
डुमरांव अनुमंडल में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा का शुभारंभ प्रशासनिक मुस्तैदी और सख्त निगरानी के बीच पूरी तरह सफल रहा। पहले दिन का माहौल न केवल शांतिपूर्ण रहा, बल्कि परीक्षा संचालन में अनुशासन और पारदर्शिता भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अनुमंडल क्षेत्र के 10 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई गई, जिसमें हजारों परीक्षार्थियों ने भाग लिया।
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडल में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा का शुभारंभ प्रशासनिक मुस्तैदी और सख्त निगरानी के बीच पूरी तरह सफल रहा। पहले दिन का माहौल न केवल शांतिपूर्ण रहा, बल्कि परीक्षा संचालन में अनुशासन और पारदर्शिता भी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। अनुमंडल क्षेत्र के 10 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई गई, जिसमें हजारों परीक्षार्थियों ने भाग लिया।पहले दिन जीवविज्ञान, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषयों की परीक्षा हुई।

प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार प्रथम पाली में 1103 में से 17 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, जबकि द्वितीय पाली में 181 में से केवल एक परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। कुल मिलाकर 18 छात्रों की अनुपस्थिति को प्रशासन ने सामान्य और अपेक्षाकृत कम बताया है, जिसे बेहतर तैयारी और जागरूकता का परिणाम माना जा रहा है।परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, दंडाधिकारी और केंद्राधीक्षक लगातार मुस्तैद रहे। परीक्षार्थियों को सघन जांच के बाद ही परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया।

मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूरी तरह रोक रही, वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई।एसडीएम राकेश कुमार ने स्वयं सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रश्नपत्र वितरण, उपस्थिति पंजी, परीक्षा कक्षों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया तथा संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए समय पालन अनिवार्य है और विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

प्रशासन और शिक्षा विभाग का मानना है कि इंटर परीक्षा का यह अनुशासित आगाज़ आने वाले दिनों के लिए सकारात्मक संकेत है। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि आगे भी इसी तरह कड़ी निगरानी और सख्त व्यवस्था के साथ परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचार मुक्त ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
