राजस्व मामलों में डीएम का सख्त रुख, लापरवाही पर वेतन स्थगन और स्पष्टीकरण का फरमान

समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व महा अभियान, ई-मापी अभियान, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, न्यायालयीन मामलों और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित और जिले के समग्र विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजस्व मामलों में डीएम का सख्त रुख, लापरवाही पर वेतन स्थगन और स्पष्टीकरण का फरमान

-- राजस्व महा अभियान व ई-मापी की प्रगति पर कड़ी नजर, अंतरविभागीय समन्वय पर दिया गया जोर

केटी न्यूज/बक्सर

समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व महा अभियान, ई-मापी अभियान, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, न्यायालयीन मामलों और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित और जिले के समग्र विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में बताया गया कि राजस्व महा अभियान एवं ई-मापी अभियान 26 जनवरी से 31 मार्च तक संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में भूमि सुधार उप समाहर्ता बक्सर एवं डुमरांव को विस्तृत प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही राजस्व महा अभियान के अंतर्गत प्रत्येक दो दिनों पर प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया, ताकि कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जा सके।जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को भूमि उपलब्धता से संबंधित प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर समर्पित करने का सख्त निर्देश दिया। इसके अलावा भूमि बैंक, आर्द्र भूमि, अतिक्रमण तथा विभिन्न प्रयोजनों से संबंधित भूमि की स्थिति का समेकित प्रतिवेदन भूमि सुधार उप समाहर्ता बक्सर को उपलब्ध कराने को कहा गया।न्यायालयीन मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सीडब्ल्यूजेजी एवं एमजेसी मामलों में उच्च न्यायालय में समय पर और नियमानुसार प्रतिशपथ दायर करना सुनिश्चित करें।इस दिशा में लापरवाही को गंभीर कर्तव्यहीनता माना जाएगा।

बैठक के दौरान अंचलों की रैंकिंग, अतिक्रमण, परिमार्जन तथा अंचल स्तर पर लंबित न्यायालयीन मामलों की समीक्षा की गई। राजस्व अधिकारी सिमरी द्वारा लंबित मामलों के समुचित निष्पादन में विफलता को गंभीर मानते हुए उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद बक्सर से स्पष्टीकरण तलब किया गया।दाखिल-खारिज एवं भूमि विवाद मामलों में भी जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को दाखिल-खारिज, भूमि विवाद, ई-मापी एवं अन्य मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।दाखिल-खारिज में 75 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को लेकर अंचलाधिकारी इटाढ़ी, चौसा एवं राजपुर से स्पष्टीकरण मांगा गया।विकास योजनाओं की प्रगति में शिथिलता पर भी कार्रवाई हुई।

जियो टैगिंग, आवास प्लस सर्वे आदि कार्यों में रुचि नहीं लेने के कारण प्रखंड विकास पदाधिकारी, नावानगर से स्पष्टीकरण करने का आदेश दिया गया।बैठक में गोकुल जलाशय से जुड़ा मामला भी उठा। जिलाधिकारी ने बताया कि गोकुल जलाशय के पास आधारभूत संरचना निर्माण के लिए कई रैयतों की जमाबंदी अंचल कार्यालय चक्की में संचालित है। इस पर त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए जमाबंदी रद्द करने हेतु भूमि सुधार उप समाहर्ता, डुमरांव को निर्देश दिया गया।अंत में जिलाधिकारी साहिला ने स्पष्ट किया कि जिले के समग्र विकास और जनहित से जुड़े कार्यों में अंतरविभागीय समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग आपसी सहयोग से कार्य करेंगे और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि परिणामोन्मुखी कार्यशैली ही प्रशासन की प्राथमिकता है, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।