चौसा-मोहनिया मार्ग पर बाढ़ का दबाव, एक फीट पानी के बीच दौड़ रहे वाहन

गंगा और कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर ने अब चौसा क्षेत्र के प्रमुख सड़क मार्ग और बिजली परियोजना की गतिविधियों पर असर डालना शुरू कर दिया है। चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर अखौरीपुर गोला और बनारपुर के बीच पुलिया के समीप करीब एक फीट तक बाढ़ का पानी जमा हो गया है। पानी सड़क पर चढ़ने के बावजूद वाहनों का परिचालन जारी है।

चौसा-मोहनिया मार्ग पर बाढ़ का दबाव, एक फीट पानी के बीच दौड़ रहे वाहन

__ अखौरीपुर गोला-बनारपुर के बीच सड़क डूबी, चौसा बिजली परियोजना के मुख्य गेट तक पहुंचा पानी; बनारपुर में 125 परिवारों को तिरपाल, मेडिकल कैंप की तैयारी

केटी न्यूज/चौसा

गंगा और कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर ने अब चौसा क्षेत्र के प्रमुख सड़क मार्ग और बिजली परियोजना की गतिविधियों पर असर डालना शुरू कर दिया है। चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर अखौरीपुर गोला और बनारपुर के बीच पुलिया के समीप करीब एक फीट तक बाढ़ का पानी जमा हो गया है। पानी सड़क पर चढ़ने के बावजूद वाहनों का परिचालन जारी है। वहीं, चौसा बिजली परियोजना के मुख्य गेट के आसपास भी सड़क बाढ़ के पानी में डूब गई है। ऐसे में परियोजना तक कोयले की आपूर्ति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।बुधवार को सड़क पर पानी जमा होने के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों के चालक सावधानी से गुजरते नजर आए। फिलहाल आवागमन पूरी तरह बाधित नहीं हुआ है, लेकिन जलस्तर में और वृद्धि हुई तो इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। चौसा-मोहनिया मार्ग चौसा को मोहनिया समेत आसपास के क्षेत्रों से जोड़ता है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं।

__कोयला ढोने वाले ट्रकों के सामने भी बढ़ी चुनौती

बाढ़ के पानी ने चौसा बिजली परियोजना के मुख्य गेट के समीप की सड़क को भी अपनी चपेट में ले लिया है। इसी रास्ते से परियोजना के लिए कोयला लदे भारी ट्रकों का आवागमन होता है। पानी में डूबी सड़क से ट्रकों की आवाजाही जारी रहने के बावजूद जलस्तर बढ़ने पर कोयला आपूर्ति प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। बिजली परियोजना के लिए कोयले की नियमित आपूर्ति जरूरी है, ऐसे में सड़क की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

__ बनारपुर में बाढ़ का कहर, घरों में घुसा पानी

इधर, कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर से बनारपुर गांव में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई घरों में पानी प्रवेश कर जाने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आवागमन के साथ पशुओं के चारे और दैनिक जरूरतों की समस्या भी सामने आने लगी है।प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की सहायता शुरू कर दी है। सीओ विजय प्रकाश के अनुसार, बनारपुर के 125 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहले चरण में तिरपाल वितरित किए गए हैं। इसके अलावा प्रभावित इलाके में मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि बाढ़ के बीच ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।प्रशासन का कहना है कि जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्थिति के अनुसार राहत कार्य का दायरा बढ़ाया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों की नजर अब कर्मनाशा के बढ़ते जलस्तर पर टिकी है। लोगों का कहना है कि यदि पानी बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो सड़क के अन्य निचले हिस्सों के साथ और अधिक घर भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।