केवाईसी लिंक ने खाली किया बैंक खाता, 2.37 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड यूपी से गिरफ्तार

बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर डुमरांव के एक व्यक्ति से हुई 2.37 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में बक्सर साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के इस खेल के मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।

केवाईसी लिंक ने खाली किया बैंक खाता, 2.37 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड यूपी से गिरफ्तार

केटी न्यूज/बक्सर

बैंक खाते की केवाईसी अपडेट कराने के नाम पर डुमरांव के एक व्यक्ति से हुई 2.37 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में बक्सर साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के इस खेल के मुख्य आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खीरी जिले के रामपुर रामदास गांव निवासी यशवंत कुमार (पिता स्व. राम अवतार) के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार, आरोपी अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह से जुड़ा हुआ है और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को जाल में फंसाने का काम करता था। साइबर डीएसपी अविनाश कश्यप के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।

मामला तब सामने आया जब डुमरांव निवासी विनोद कुमार भगत, पिता सच्चिदानंद भगत ने 3 मई 2025 को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 16 अप्रैल को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए खाते की केवाईसी अपडेट कराने की बात कही और एक लिंक भेजा।पीड़ित ने जैसे ही लिंक पर क्लिक कर जरूरी जानकारी साझा की, साइबर अपराधियों ने उनके बंधन बैंक खाते से 2,37,484.32 रुपये की अवैध निकासी कर ली। इसके बाद साइबर थाना में कांड संख्या 23/25 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई थी।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर, तकनीकी इनपुट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से ठगी में इस्तेमाल किया गया एंड्रॉयड मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।साइबर डीएसपी अविनाश कश्यप ने बताया कि मामले की जांच जारी है और ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।