एनएच-922 हादसे का दुखद अंत: वाराणसी में इलाज के दौरान विवेक ने तोड़ा दम, दूसरे युवक की हालत अब भी गंभीर
पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का ढकाइच गांव के समीप रविवार की शाम नीलगाय की वजह से हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। हादसे में गंभीर रूप से घायल डुमरांव के ठाकुर कोहार की गली निवासी 28 वर्षीय विवेक कुमार की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई।

केटी न्यूज/डुमरांव :
पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग-922 पर कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का ढकाइच गांव के समीप रविवार की शाम नीलगाय की वजह से हुई सड़क दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। हादसे में गंभीर रूप से घायल डुमरांव के ठाकुर कोहार की गली निवासी 28 वर्षीय विवेक कुमार की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दुर्घटना में घायल दूसरे युवक धर्मपाल कुमार की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।मृतक विवेक कुमार, मनोज कुमार का पुत्र था। परिजनों ने बताया कि दुर्घटना के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। चिकित्सकों के अथक प्रयास के बावजूद सोमवार को इलाज के दौरान उसने अंतिम सांस ली।

विवेक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मोहल्ले में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।स्वजनों के अनुसार विवेक के पिता मनोज कुमार पिछले कई महीनों से अस्वस्थ चल रहे हैं। ऐसे में परिवार पहले से ही परेशानियों से जूझ रहा था। इसी बीच बेटे की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बताया जाता है कि विवेक की शादी भी अभी पिछले वर्ष नवंबर माह में ही हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसकी मौत से पत्नी के सपने उजड़ गए। घर में खुशियों की जगह मातम का माहौल है।

गौरतलब है कि रविवार की शाम विवेक अपने साथी धर्मपाल कुमार के साथ कृष्णाब्रह्म बाजार से खरीदारी कर बाइक से डुमरांव लौट रहा था। इसी दौरान बड़का ढकाइच गांव के समीप अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।स्थानीय लोगों ने एक बार फिर एनएच-922 पर जंगली जानवरों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो ऐसे दर्दनाक हादसे आगे भी लोगों की जान लेते रहेंगे।

