गांव-गांव पहुंचा बिहार ग्रामीण बैंक, ऋण अदायगी और वित्तीय अनुशासन का पढ़ाया पाठ
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और ग्राहकों को वित्तीय अनुशासन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जिले के विभिन्न गांवों में रिकवरी सह जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। सिमरी, नियाज़ीपुर, केसठ, आथर और कोरानसराय समेत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में बैंक अधिकारियों ने ऋण ग्राहकों से नियमित रूप से किस्तों का भुगतान करने की अपील की।

__ सिमरी, नियाज़ीपुर, केसठ, आथर व कोरानसराय में रिकवरी सह जागरूकता शिविर, ग्रामीणों को बैंकिंग योजनाओं और साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी
केटी न्यूज/बक्सर।
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और ग्राहकों को वित्तीय अनुशासन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से जिले के विभिन्न गांवों में रिकवरी सह जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। सिमरी, नियाज़ीपुर, केसठ, आथर और कोरानसराय समेत विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में बैंक अधिकारियों ने ऋण ग्राहकों से नियमित रूप से किस्तों का भुगतान करने की अपील की।शिविरों में बैंक के महाप्रबंधक (जीएम) उमाकांत चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) रमेश कुमार, डीसीओ जितेंद्र कुमार सहित प्रधान कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, शाखा प्रबंधक और बैंककर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ऋण खातों की समीक्षा के साथ ग्राहकों की समस्याएं भी सुनीं और उनके यथासंभव त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।

इस दौरान ग्रामीणों को बैंक की विभिन्न ऋण एवं जमा योजनाओं के साथ डिजिटल बैंकिंग सेवाओं तथा सरकार की वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ऋण की समय पर अदायगी से बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होने के साथ ग्राहक की क्रेडिट हिस्ट्री भी बेहतर होती है। इससे भविष्य में जरूरत के समय ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलती है।शिविरों में साइबर अपराध से बचाव को लेकर भी विशेष रूप से जागरूक किया गया। ग्रामीणों से ओटीपी, पिन और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा ऑनलाइन लेन-देन के दौरान पूरी सतर्कता बरतने की अपील की गई।

जीएम उमाकांत चौधरी ने कहा कि बैंक और ग्राहकों के बीच विश्वास एवं निरंतर संवाद मजबूत बैंकिंग व्यवस्था की बुनियाद है। ग्राहकों को अपने वित्तीय दायित्वों का समय पर निर्वहन करते हुए बैंक की योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।आरएम रमेश कुमार ने कहा कि शिविरों के माध्यम से बैंक सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझ रहा है। उन्होंने शाखा प्रबंधकों और कर्मियों को ग्राहकों से निरंतर संपर्क बनाए रखने तथा वित्तीय जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया।शिविरों में ऋण ग्राहकों और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। बैंक का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के जरिए बेहतर बैंकिंग, वित्तीय अनुशासन और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बैंक-ग्राहक समन्वय को और सुदृढ़ करना है।

