नैनीजोर के पास गंगा में दिखे ‘घड़ियाल’ ने बढ़ाई चिंता, घाटों पर सतर्कता जरूरी
ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर में गंगा नदी में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिहार घाट, पत्थर घाट समेत आसपास के प्रमुख गंगा घाटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही उनके मोबाइल में मौजूद वीडियो फुटेज भी देखे।

__ नैनीजोर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी, वीडियो देखकर मगरमच्छ नहीं घड़ियाल होने की जताई संभावना; श्रावण में श्रद्धालुओं से गंगा स्नान से बचने की अपील
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।
ब्रह्मपुर प्रखंड के नैनीजोर में गंगा नदी में मगरमच्छ दिखाई देने की खबर के बाद इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल है। बुधवार को वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिहार घाट, पत्थर घाट समेत आसपास के प्रमुख गंगा घाटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही उनके मोबाइल में मौजूद वीडियो फुटेज भी देखे। वीडियो के आधार पर वन विभाग ने इसे प्रथम दृष्टया मगरमच्छ के बजाय घड़ियाल होने की संभावना जताई है।वन प्रमंडल बक्सर के वनों के क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार प्रसाद ने वनरक्षी बीपीन कुमार और वनकर्मी अशोक कुमार के साथ घाटों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा जलीय जीव प्रथम दृष्टया घड़ियाल प्रतीत होता है। उसकी लंबाई करीब 14 से 15 फीट होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, वास्तविक स्थिति की पुष्टि के लिए वन विभाग लगातार निगरानी रखेगा।

__ श्रावण में बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल
नैनीजोर के गंगा घाटों पर श्रावण मास में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में नदी में घड़ियाल जैसे खतरनाक जलीय जीव की मौजूदगी की चर्चा ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने, नदी के भीतर जाने से बचने और सतर्कता बरतने की अपील की है।क्षेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार प्रसाद ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इस समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। उन्होंने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से फिलहाल गंगा स्नान से परहेज करने की अपील करते हुए कहा कि नदी में किसी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसके करीब जाने, उसे पकड़ने या भीड़ जुटाने के बजाय तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

__ घाटों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल की उठी मांग
स्थानीय निवासी हरिकिशुन तिवारी ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल और अन्य आवश्यक इंतजाम कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग को पहले से ठोस सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान हरिकिशुन तिवारी, विमलेश पांडेय, मैनेजर यादव, रोहित यादव, लोरीक यादव, ध्रुव कुमार तिवारी, ध्रुव कुमार उपाध्याय, अरविंद कुमार उपाध्याय, प्रमोद तिवारी, विनोद यादव, गीता देवी, सर्वदेव मल्लाह, बिहारी पांडेय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।वन विभाग ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव को लेकर अफवाह फैलाने के बजाय सावधानी और सूचना साझा करना ही सबसे सुरक्षित कदम है। घाटों पर लोगों को जागरूक करने के साथ विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

