आईसीयू से बाहर आए चुन्नू, इलाज की जंग अभी बाकी
पिछले कई वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकार अरविंद कुमार चौबे उर्फ चुन्नू के लिए गुरुवार का दिन राहत और उम्मीद लेकर आया। लीवर ट्रांसप्लांट के आठ दिन बाद बुधवार की रात उन्हें आईसीयू से निकालकर स्पेशल वार्ड में शिफ्ट किया गया। हालांकि चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज अभी जारी है और अस्पताल से छुट्टी मिलने में करीब 13 दिन और लग सकते हैं।

__ लीवर ट्रांसप्लांट के आठ दिन बाद स्पेशल वार्ड में शिफ्ट हुए पत्रकार चुन्नू, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल; 21 दिन के इलाज के लिए अब भी चाहिए पांच लाख रुपये
केटी न्यूज/बक्सर।
पिछले कई वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहे पत्रकार अरविंद कुमार चौबे उर्फ चुन्नू के लिए गुरुवार का दिन राहत और उम्मीद लेकर आया। लीवर ट्रांसप्लांट के आठ दिन बाद बुधवार की रात उन्हें आईसीयू से निकालकर स्पेशल वार्ड में शिफ्ट किया गया। हालांकि चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज अभी जारी है और अस्पताल से छुट्टी मिलने में करीब 13 दिन और लग सकते हैं। ऐसे में जिंदगी की जंग का एक बड़ा पड़ाव पार करने के बाद आर्थिक चुनौती अब भी सामने खड़ी है।चुन्नू का लीवर ट्रांसप्लांट 31 अगस्त को नोएडा के मैक्स अस्पताल में हुआ था। उनकी पत्नी ने अपना लीवर दान कर उन्हें नया जीवन दिया। गुरुवार को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे उनका कुशलक्षेम जानने अस्पताल पहुंचे।उन्होंने चुन्नू से मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली और अपनी ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। चुन्नू से अस्पताल पहुंचकर मिलने वाले वे पहले पूर्व निर्वाचित जनप्रतिनिधि रहे।

इस जटिल ऑपरेशन का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीज को करीब 48 घंटे बाद होश आया और इलाज के दौरान लगभग 25 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ी। दिल्ली और आसपास रहने वाले पत्रकार साथियों ने अस्पताल पहुंचकर रक्तदान कर इस मुश्किल घड़ी में परिवार का साथ दिया।करीब 25 लाख रुपये के इस इलाज के लिए बक्सर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया। पिछले दो महीने से बक्सर पत्रकार संघ भी सहायता अभियान में जुटा रहा।जिले के पूर्व और वर्तमान अधिकारियों के साथ ही शहर के व्यवसायियों, प्रबुद्ध नागरिकों और पत्रकारों ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। प्रयासों से करीब 20 लाख रुपये की व्यवस्था हो सकी, जिसके बाद ऑपरेशन संभव हो पाया।

गुरुवार को चुन्नू की पत्नी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, हालांकि उनका उपचार अभी भी जारी है। दूसरी ओर चुन्नू को डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अभी करीब 13 दिन अस्पताल में रहना है। इस अवधि में अस्पताल का करीब पांच लाख रुपये का खर्च और जुटाना बाकी है।38 वर्षीय चुन्नू चार छोटे बच्चों के पिता हैं और पिछले पांच-छह वर्षों से बीमारी से जूझ रहे हैं। संकट की इस घड़ी में बक्सर और दिल्ली के पत्रकारों सहित आम लोगों ने जिस तरह उनका साथ दिया, वह उनके लिए बड़ी ताकत बना है। लेकिन इलाज पूरा होने तक मदद की जरूरत खत्म नहीं हुई है। परिवार और पत्रकार साथी अब शेष पांच लाख रुपये जुटाने की चुनौती के सामने हैं, ताकि ऑपरेशन के बाद का जरूरी उपचार आर्थिक संकट के कारण प्रभावित न हो।

