बाढ़ग्रस्त 27 गांवों में राहत का पहरा, 13 नावें लगातार कर रहीं आवागमन

बक्सर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। आपदा शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांच अंचलों की 13 पंचायतों के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 9,989 की आबादी बाढ़ की चपेट में बताई जा रही है।

बाढ़ग्रस्त 27 गांवों में राहत का पहरा, 13 नावें लगातार कर रहीं आवागमन

__ पांच अंचलों की 13 पंचायतों में करीब 10 हजार लोग प्रभावित, प्रशासन ने तेज किए राहत-बचाव के इंतजाम

__ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। आपदा शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांच अंचलों की 13 पंचायतों के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में करीब 9,989 की आबादी बाढ़ की चपेट में बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ आवागमन के लिए नावों का परिचालन लगातार किया जा रहा है।प्रशासन के अनुसार अब तक 37 नावों का परिचालन किया जा चुका है। शुक्रवार को भी प्रभावित क्षेत्रों में 13 नावें संचालित की गईं। जलभराव और आवागमन की परेशानी को देखते हुए नावों के माध्यम से लोगों की आवाजाही तथा आवश्यक सामान पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत देने के लिए अब तक 6,135 पॉलिथीन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं। शुक्रवार को भी 80 पॉलिथीन शीट्स जरूरतमंद परिवारों के बीच बांटी गईं। वहीं, पशुधन के लिए अब तक 116.15 क्विंटल पशु चारा उपलब्ध कराया गया है। शुक्रवार को अतिरिक्त रूप से 50.40 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया।खाद्य संकट से जूझ रहे प्रभावित परिवारों को सूखा राशन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 900 सूखा राशन पैकेट वितरित किए गए हैं, जबकि शुक्रवार को 200 और पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए गए।

जिला प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित अंचल अधिकारियों एवं अन्य पदाधिकारियों को प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने और बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का दावा है कि बाढ़ की स्थिति में किसी भी तरह की आपात जरूरत सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।