जनता दरबार के लंबित मामलों पर डीएम सख्त, समयबद्ध निष्पादन का दिया निर्देश
जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

__ क्यूआर कोड से अब घर बैठे जान सकेंगे आवेदन की स्थिति, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
केटी न्यूज/बक्सर
जनता की समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएम ने सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने और इसकी अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदनों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों में लंबित आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली। जिन कार्यालयों में अपेक्षाकृत अधिक संख्या में आवेदन लंबित पाए गए, वहां के कार्यालय अधीक्षकों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। साथ ही सभी लंबित आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।बैठक में आवेदकों की सुविधा के लिए शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था की भी जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से आवेदक अब अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को कार्यालयों का अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

जिलाधिकारी ने ऐसे आवेदनों की अलग से ‘नेगेटिव लिस्ट’ तैयार करने का निर्देश दिया, जिनका समाधान न्यायालय या किसी अन्य सक्षम प्राधिकार के स्तर से होना है। इससे प्रशासनिक स्तर पर लंबित और निष्पादन योग्य मामलों की स्पष्ट पहचान हो सकेगी तथा अनावश्यक देरी को कम किया जा सकेगा।बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कार्यालय अधीक्षक एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आम लोगों को प्रशासन से त्वरित न्याय और राहत मिल सके।

