गड्ढों में फंसी जिंदगी, खाकी बनी सहारा
सड़क पर गहरे गड्ढे, उनमें भरा बारिश का पानी और हर पल हादसे का खतरा। ऐसे हालात में जहां जिम्मेदार विभाग की नजरें सड़क की बदहाली पर टिकी हैं, वहीं डुमरांव में यातायात पुलिस के जवानों ने इंसानियत और कर्तव्य की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है।


__ एनएच-120 पर ट्रैफिक संभालने के साथ सड़क के गड्ढे भी भर रहे जवान, ईंट-रोड़ा डालकर वाहनों को दे रहे सुरक्षित रास्ता; वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान
केटी न्यूज/डुमरांव।
सड़क पर गहरे गड्ढे, उनमें भरा बारिश का पानी और हर पल हादसे का खतरा। ऐसे हालात में जहां जिम्मेदार विभाग की नजरें सड़क की बदहाली पर टिकी हैं, वहीं डुमरांव में यातायात पुलिस के जवानों ने इंसानियत और कर्तव्य की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने लोगों का दिल जीत लिया है। ड्यूटी के दौरान यातायात नियंत्रित करने के साथ जवान खुद सड़क के गड्ढों में ईंट, रोड़ा और पत्थर डालकर वाहनों के लिए रास्ता बना रहे हैं। उनका यह प्रयास अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।डुमरांव-बिक्रमगंज मुख्य पथ एनएच-120 का करीब तीन किलोमीटर हिस्सा लंबे समय से जर्जर है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और बदतर हो गई है। जगह-जगह जलजमाव के बीच बने गहरे गड्ढे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बने हैं।

पानी भरे होने के कारण कई बार वाहन चालक गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।इसी दौरान मुख्य मार्ग पर यातायात व्यवस्था संभालने में तैनात पुलिसकर्मी जितेंद्र सिंह, सुनील सिंह, देव रंजन सिंह और रंजन कुमार की संवेदनशील पहल सामने आई है। सड़क पर किसी वाहन के गड्ढे में फंसने पर जवान केवल यातायात नियंत्रित करने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि खुद ईंट-रोड़ा और पत्थर जुटाकर गड्ढों में डालते हैं। इसके बाद वाहन को सुरक्षित निकालने में भी मदद करते हैं।जवानों की इस पहल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बड़े वाहनों से लेकर छोटे वाहन तक सड़क के गड्ढों में फंसते दिखाई दे रहे हैं। वहीं पुलिसकर्मी खुद गड्ढों में पत्थर और रोड़ा डालते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने जवानों की जमकर सराहना की है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क की बदहाली के कारण ई-रिक्शा, ऑटो और बाइक सवारों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जगह गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। चार पहिया वाहनों के नीचे का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के साथ बड़े वाहनों के फंसने पर यातायात भी बाधित हो जाता है।लोगों का कहना है कि पुलिसकर्मियों का यह प्रयास तत्काल राहत जरूर दे रहा है, लेकिन गड्ढों में पत्थर डालना सड़क निर्माण का स्थायी विकल्प नहीं है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से एनएच-120 की जर्जर सड़क की अविलंब स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि खाकी को लोगों की जान बचाने के लिए सड़क के गड्ढे भरने की जरूरत न पड़े।

