नावानगर अंचल कार्यालय की जांच में खुली लापरवाही, लंबित मामलों पर अपर समाहर्ता सख्त

नावानगर अंचल कार्यालय के मंगलवार को हुए निरीक्षण में कई प्रशासनिक खामियां सामने आईं। अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह ने अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की और लंबित मामलों के निष्पादन में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

नावानगर अंचल कार्यालय की जांच में खुली लापरवाही, लंबित मामलों पर अपर समाहर्ता सख्त

__ पुराने अतिक्रमण वाद, अधूरी पंजियां और अभियान बसेरा-2 की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, आवेदकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश

केटी न्यूज/नावानगर

नावानगर अंचल कार्यालय के मंगलवार को हुए निरीक्षण में कई प्रशासनिक खामियां सामने आईं। अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह ने अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा की और लंबित मामलों के निष्पादन में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान परिमार्जन, एलपीसी, पुराने लंबित मापी वाद, भू-अतिक्रमण, अभियान बसेरा-2, बेदखली, जल-जीवन-हरियाली, विभागीय भूमि पंजी, दाखिल-खारिज, सहयोग पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों तथा नीलाम पत्र वाद की हल्कावार समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के कई भू-अतिक्रमण वाद अब तक लंबित हैं। इस पर अपर समाहर्ता ने अंचल अधिकारी को सभी पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अभियान बसेरा-2 की समीक्षा में पाया गया कि 82 पात्र परिवारों में से केवल 34 को ही भूमि आवंटित की गई है, जबकि 33 परिवारों का ही पर्चा अपलोड हो सका है। शेष पात्र परिवारों को शीघ्र भूमि आवंटन और पर्चा निर्गत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी राजस्व कर्मचारियों को अभियान में तेजी लाने को कहा गया।निरीक्षण के दौरान भू-हस्तांतरण, गृहस्थल, वासगीत, बेदखली, आरटीपीएस, भू-मापी, बंदोबस्ती, अतिक्रमण वाद, भूमि विवाद, सूचना का अधिकार सहित कई महत्वपूर्ण पंजियां अद्यतन नहीं मिलीं। इस पर अपर समाहर्ता ने विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी पंजियों को तत्काल अद्यतन कर अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा में 35 दिनों से अधिक समय से लंबित 18 मामलों पर भी नाराजगी जताई गई। अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन कर संख्या शून्य करें तथा आवेदकों को समय पर सूचना उपलब्ध कराएं।निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता ने कार्यालय पहुंचे फरियादियों से भी सीधे बातचीत की। नाम सुधार, परिमार्जन, जमीन मापी, जमाबंदी, रास्ता, अतिक्रमण और जल निकासी जैसी समस्याएं सामने आने पर उन्होंने अंचल अधिकारी को सभी आवेदनों का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।