दुष्कर्म कांड में रिमांड पर शिक्षक, जांच के केंद्र में वीडियो और विभागीय लापरवाही
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय की नाबालिग पूर्व छात्रा से दुष्कर्म और घटना से संबंधित वीडियो के प्रसार के मामले में पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार शिक्षक अरविंद कुमार को पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे घटना की परिस्थितियों, वीडियो से जुड़े तथ्यों और अन्य संभावित संलिप्तताओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

__ दुष्कर्म कांड में रिमांड पर शिक्षक, वीडियो की जांच तेज
__बीईओ से जवाब-तलब के बाद शिक्षा विभाग की भूमिका भी जांच के दायरे में
केटी न्यूज/डुमरांव।
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय की नाबालिग पूर्व छात्रा से दुष्कर्म और घटना से संबंधित वीडियो के प्रसार के मामले में पुलिस की जांच अब अगले चरण में पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार शिक्षक अरविंद कुमार को पुलिस ने 48 घंटे की रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे घटना की परिस्थितियों, वीडियो से जुड़े तथ्यों और अन्य संभावित संलिप्तताओं को लेकर पूछताछ कर रही है।कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने शिक्षक को रिमांड पर लिए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। रिमांड के दौरान सामने आई जानकारी को लेकर पुलिस ने फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। पुलिस की तकनीकी टीम वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

__चार प्रमुख आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस अब तक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अली अंसारी, शिक्षक अरविंद कुमार, शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल और वीरेंद्र के सहयोगी विकास कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र पाल को बक्सर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से गिरफ्तार किया गया था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

__ बीईओ से मांगा गया स्पष्टीकरण
घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्रजीत करण ने डुमरांव के बीईओ सुधांशु कुमार से स्पष्टीकरण मांगे जाने की पुष्टि की है। हालांकि, स्पष्टीकरण के बिंदुओं पर उन्होंने जानकारी देने से इनकार किया।सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी विभागीय स्तर पर पहले से होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले की जानकारी पूर्व में किस स्तर पर थी और उस पर क्या कार्रवाई की गई थी। फिलहाल पुलिस की रिमांड जांच और विभागीय जवाब पर सभी की नजर है।

