राजपुर में सियासी हलचल तेज: अविश्वास प्रस्ताव से गरमाया माहौल, 30 मार्च को होगी निर्णायक बैठक
राजपुर प्रखंड में प्रखंड प्रमुख और उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की पहल ने स्थानीय राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। प्रस्ताव की तारीख नजदीक आते ही पंचायत समिति सदस्यों के बीच खेमेबंदी तेज हो गई है और सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड में प्रखंड प्रमुख और उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की पहल ने स्थानीय राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है। प्रस्ताव की तारीख नजदीक आते ही पंचायत समिति सदस्यों के बीच खेमेबंदी तेज हो गई है और सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।वर्तमान प्रखंड प्रमुख मंजू देवी अपने समर्थक सदस्यों के साथ पद बचाने की कोशिश में जुटी हैं, जबकि रसेन पंचायत की बीडीसी सह पूर्व प्रमुख राधिका देवी विरोधी खेमे का नेतृत्व करते हुए सत्ता परिवर्तन के लिए सक्रिय हैं।

16 मार्च को अविश्वास प्रस्ताव के लिए आवेदन दिया जा चुका है और इस पर चर्चा के लिए 30 मार्च को विशेष बैठक बुलाई गई है।प्रखंड में कुल 26 पंचायत समिति सदस्य हैं, जिनमें से दो-तिहाई यानी कम से कम 18 सदस्यों की उपस्थिति बैठक के लिए आवश्यक होगी। यही आंकड़ा दोनों पक्षों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। कई सदस्य अभी खुलकर किसी पक्ष में नहीं आ रहे हैं, जिससे सस्पेंस और बढ़ गया है।विपक्षी खेमे के नेतृत्व में शामिल बीडीसी पति सुनील गुप्ता का दावा है कि अधिकांश सदस्य वर्तमान प्रमुख के कामकाज से असंतुष्ट हैं और अविश्वास प्रस्ताव पारित होना तय है।

वहीं, प्रमुख पक्ष के प्रतिनिधि मनोज कमकर उर्फ गुड्डू ने पूर्ण बहुमत का दावा करते हुए कहा कि सभी सदस्य उनके साथ हैं और पद सुरक्षित रहेगा।इधर, प्रशासन भी संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्क हो गया है। बैठक में कोरम पूरा कराने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की जा रही है।फिलहाल राजपुर के चौक-चौराहों और चाय की दुकानों पर इसी मुद्दे की चर्चा है। 30 मार्च की बैठक को लेकर लोगों की नजरें टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सत्ता का संतुलन किस ओर होगा।

