हिंदू सम्मेलन में एकजुटता व सांस्कृतिक चेतना का संदेश
डुमरांव नगर स्थित बड़ी संगत मठिया परिसर में शुक्रवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र केशरी ने की, जबकि संचालन अमित कुमार एवं मनोज केशरी ने संयुक्त रूप से किया।
__ भक्ति संगीत और प्रवचन से बड़ी संगत मठिया का माहौल हुआ भक्तिमय
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव नगर स्थित बड़ी संगत मठिया परिसर में शुक्रवार को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र केशरी ने की, जबकि संचालन अमित कुमार एवं मनोज केशरी ने संयुक्त रूप से किया।सम्मेलन का शुभारंभ सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलन के दौरान उपस्थित अतिथियों ने समाज में आपसी सौहार्द, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संगठन की मजबूती पर बल दिया।

मंच पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह राजेंद्र ठाकुर, नंदजी दुबे, बाल गोपाल दास, बिहारी लाल यादव, नगर परिषद की पहली महिला चेयरमैन मीरा देवी एवं निवर्तमान चेयरमैन सुनीता गुप्ता सहित कई प्रमुख लोग मंचासीन रहे।अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ है, जो समूचे समाज को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देती है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और एकजुटता को सुदृढ़ करते हैं।कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। विनय मिश्रा, दीपक पांडेय और प्रियांसी यादव ने अपने भजनों की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही हिंदुत्व विषयक कथा एवं प्रवचन ने सम्मेलन को वैचारिक ऊंचाई प्रदान की।आयोजन समिति की ओर से कार्यक्रम की व्यवस्था सुसंगठित रही। समिति में रमेश केशरी, रघुबर, भिखारी पाल, दिनेश पाठक, अमित कुमार, मोहन केशरी, मनीष, बिरेंद्र राय एवं सुधीर वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।सम्मेलन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। अंत में आयोजकों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

