बक्सर में जिला स्तरीय बैंकिंग समीक्षा बैठक, लक्ष्य पूरा नहीं करने पर बैंकों को फटकार
जिला स्तरीय समीक्षा समिति, परामर्शदात्री समिति एवं विशेष जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक (वित्तीय वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही) गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
__ सीडी रेश्यो बढ़ाकर 50% से अधिक करने का निर्देश, लंबित ऋण आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर
केटी न्यूज/बक्सर
जिला स्तरीय समीक्षा समिति, परामर्शदात्री समिति एवं विशेष जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक (वित्तीय वर्ष 2025-26 की दिसंबर तिमाही) गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बैंकिंग एवं विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में वरीय समाहर्ता-बैंकिंग रवि बहादुर, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक एस.एम. जफर अहमद, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ज्योत्स्ना वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

अग्रणी जिला प्रबंधक ने बैठक की शुरुआत करते हुए पिछली बैठक के अनुपालन की जानकारी दी।समीक्षा के दौरान जिले का साख-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) 44.24 प्रतिशत पाया गया, जिस पर उप विकास आयुक्त ने असंतोष जताया। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक तक इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक किया जाए। वहीं, दिसंबर 2025 तिमाही तक वार्षिक साख योजना के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 37.82 प्रतिशत उपलब्धि रहने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई।उप विकास आयुक्त ने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता काफी हद तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर निर्भर करती है।

इसलिए सभी बैंक ऋण आवेदनों के निष्पादन में उदारता बरतें और समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से कृषि, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्रों में वित्त पोषण को प्राथमिकता देने पर बल दिया।बैठक में लंबित ऋण आवेदनों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कर सीडी रेश्यो एवं वार्षिक साख योजना में अपेक्षित सुधार लाया जाए, ताकि लाभुक अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) एवं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) में जिले द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त करने पर संतोष व्यक्त किया गया।

साथ ही निर्देश दिया गया कि स्वीकृत ऋणों का वितरण मार्च 2026 के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।लक्ष्य प्राप्त नहीं करने वाले बैंकों पर सख्ती दिखाते हुए उन्हें मार्च 2026 तक अपने निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया गया। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने मुद्रा, स्व-निधि, डेयरी एवं पशुपालन योजनाओं से संबंधित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया।बैठक के अंत में वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग ने पीडीआर मामलों के मिलान के लिए आयोजित शिविरों में सभी बैंकों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित समाधान किया जाएगा।

