सामाजिक अंकेक्षण मामलों में लापरवाही पर सख्त रुख, दो दिनों में अनुपालन का अल्टीमेटम
बक्सर जिला अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत सामाजिक अंकेक्षण में उजागर अनियमितताओं के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई शिक्षा नीति के निदेशक, सामाजिक अंकेक्षण के जिला संसाधन सेवी तथा सभी प्रखंडों के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे।
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिला अंतर्गत मनरेगा योजना के तहत सामाजिक अंकेक्षण में उजागर अनियमितताओं के अनुपालन की प्रगति की समीक्षा को लेकर गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उप विकास आयुक्त निहारिका छवि की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नई शिक्षा नीति के निदेशक, सामाजिक अंकेक्षण के जिला संसाधन सेवी तथा सभी प्रखंडों के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी उपस्थित रहे।समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने सामाजिक अंकेक्षण से जुड़े लंबित मामलों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई।

विशेष रूप से बक्सर सदर, चौगाई, डुमरांव, केसठ, नावानगर और राजपुर प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों के कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई।उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का अनुपालन हर हाल में दो दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि जिला संसाधन व्यक्ति तथा सामाजिक अंकेक्षण दल यदि किसी कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत अनुपालन प्रतिवेदन को अस्वीकार करते हैं, तो इसके लिए स्पष्ट और विस्तृत कारण सहित प्रतिवेदन देना अनिवार्य होगा।

इससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सामाजिक अंकेक्षण से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।

