टॉवर ‘चोरी’ का बड़ा खुलासा: जमीन मालिक गिरफ्तार, मुख्य सौदागर फरार

131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर के रहस्यमय ढंग से गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए जमीन मालिक हरेनाथ यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुरुआती तौर पर चोरी प्रतीत हो रही यह घटना अब किराया विवाद और अवैध सौदेबाजी से जुड़ा मामला बनकर सामने आई है।

टॉवर ‘चोरी’ का बड़ा खुलासा: जमीन मालिक गिरफ्तार, मुख्य सौदागर फरार

__ किराया विवाद से उपजा पूरा खेल, 2017 से भुगतान नहीं, 2022 में एग्रीमेंट खत्म, जनरेटर बरामद, अब टॉवर के खरीदार और पार्ट्स की तलाश में पुलिस

केटी न्यूज/डुमरांव

131 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर के रहस्यमय ढंग से गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए जमीन मालिक हरेनाथ यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुरुआती तौर पर चोरी प्रतीत हो रही यह घटना अब किराया विवाद और अवैध सौदेबाजी से जुड़ा मामला बनकर सामने आई है। वहीं टॉवर को खरीदने और कटवाने का टेंडर लेने वाला मुख्य अभियुक्त अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।पुलिस जांच में सामने आया है कि वार्ड संख्या-18 स्थित जिस जमीन पर जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर का मोबाइल टॉवर लगा था, उसका एग्रीमेंट वर्ष 2022 में ही समाप्त हो चुका था। इतना ही नहीं, कंपनी द्वारा वर्ष 2017 से ही जमीन मालिक को किराया नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई है।

बताया जाता है कि हरेनाथ यादव ने कई बार कंपनी को नोटिस भेजकर बकाया भुगतान और टॉवर हटाने की मांग की थी, लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसी नाराजगी में उसने टॉवर को बेचने का फैसला कर लिया।हालांकि पुलिस का मानना है कि कंपनी की संपत्ति को इस तरह बेचना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर कार्रवाई करते हुए हरेनाथ यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उधर पूरे मामले का मुख्य किरदार माने जा रहे उस व्यक्ति की तलाश तेज कर दी गई है जिसने टॉवर काटने और बेचने का जिम्मा लिया था। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद टॉवर की बिक्री, कीमत और खरीदारों से जुड़े कई अहम राज खुलेंगे।गौरतलब है कि शनिवार की शाम पुलिस ने चोरी गए 15 केवीए जनरेटर को बरामद कर लिया था।

अब जांच टीम की नजर टॉवर के अन्य हिस्सों और उपकरणों की बरामदगी पर टिकी हुई है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है तथा तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र का सहारा लिया जा रहा है।इधर मामले के खुलासे के बाद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है। शहर में चर्चा है कि आखिर 131 फीट ऊंचा टॉवर कितने में बेचा गया, किसे बेचा गया और उसके लोहे व अन्य उपकरण कहां खपाए गए। लोगों की निगाहें अब मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी और टॉवर के बाकी हिस्सों की बरामदगी पर टिकी हैं।डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने हरेनाथ यादव की गिरफ्तारी और जनरेटर बरामदगी की पुष्टि करते हुए बताया कि फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी तथा शेष सामान की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जल्द ही पूरे मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।