संवेदक की मनमानी से स्टेशन रोड बना मुसीबत का रास्ता, आठ महीने में भी नहीं पूरी हुई मरम्मत
डुमरांव का स्टेशन रोड इन दिनों विकास नहीं, अव्यवस्था और लापरवाही की मिसाल बन चुका है। महज चार किलोमीटर लंबी इस सड़क का मरम्मत कार्य पिछले आठ महीनों से अधर में लटका हुआ है। संवेदक की मनमानी और विभागीय उदासीनता के कारण यह सड़क अब वाहन तो दूर, पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। नतीजा यह है कि हर दिन जाम, धूल और दुर्घटनाओं के बीच शहरवासियों की जिंदगी पिस रही है।

__ चार किलोमीटर सड़क अधूरी, हर दिन जाम और दुर्घटना का खतरा—व्यवसायियों को लाखों का नुकसान
केटी न्यूज/डुमरांव:
डुमरांव का स्टेशन रोड इन दिनों विकास नहीं, अव्यवस्था और लापरवाही की मिसाल बन चुका है। महज चार किलोमीटर लंबी इस सड़क का मरम्मत कार्य पिछले आठ महीनों से अधर में लटका हुआ है। संवेदक की मनमानी और विभागीय उदासीनता के कारण यह सड़क अब वाहन तो दूर, पैदल चलने लायक भी नहीं रह गई है। नतीजा यह है कि हर दिन जाम, धूल और दुर्घटनाओं के बीच शहरवासियों की जिंदगी पिस रही है।सड़क निर्माण की धीमी गति ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां हर समय वाहनों का दबाव रहता है, लेकिन जगह-जगह अधूरे काम और गड्ढों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है।

छोटे-छोटे हादसे अब आम बात हो गए हैं, जबकि बड़े हादसे का खतरा हर पल मंडरा रहा है।व्यवसायियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। स्टेशन रोड शहर की व्यापारिक धुरी मानी जाती है, लेकिन जाम और बदहाल सड़क के कारण ग्राहक यहां आने से कतराने लगे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। बाहरी व्यापारी भी अब इस मार्ग से दूरी बनाने लगे हैं, जिससे बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है।संवेदक की कार्यशैली पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। स्थिति यह है कि कुछ मीटर सड़क की ढलाई करने में महीनों का समय लग रहा है।

एक जगह काम अधूरा छोड़ दूसरी जगह गड्ढा खोद दिया जा रहा है, जिससे समस्या और बढ़ती जा रही है। कहीं गिट्टी पड़ी है तो कहीं मिट्टी का ढेर, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।हाल ही में महरौरा मोड़ के पास काम चल ही रहा था कि नगर परिषद कार्यालय के समीप सड़क किनारे गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया। वहीं विष्णु मंदिर के पास सड़क के आधे हिस्से पर मिट्टी का ढेर लगाकर रास्ता संकरा कर दिया गया है। इससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है और हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है।

चिंताजनक बात यह है कि संवेदक खतरनाक स्थलों की मरम्मत को भी प्राथमिकता नहीं दे रहा है। राज हाई स्कूल के समीप सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और नाली का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क के नीचे जमा हो गया है। यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं।शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही कार्य पूरा नहीं हुआ और व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक संवेदक की मनमानी और विभाग की चुप्पी के बीच शहरवासी यूं ही परेशान होते रहेंगे।

