नाले पर कब्जा, बस्ती बनी तालाब: चौसा के वार्ड 12 में गंदे पानी के बीच जीने को मजबूर लोग
चौसा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित महादलित बस्ती में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। हालात ऐसे हैं कि गलियों में महीनों से गंदा पानी जमा है और भीषण गर्मी में उठ रही दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।


--महादलित टोले में महीनों से जलजमाव, महिलाओं ने कार्यालय पहुंच जताया विरोध; बीमारी फैलने का बढ़ा खतरा
केटी न्यूज/चौसा
चौसा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित महादलित बस्ती में जलनिकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाने से लोगों का जीवन संकट में पड़ गया है। हालात ऐसे हैं कि गलियों में महीनों से गंदा पानी जमा है और भीषण गर्मी में उठ रही दुर्गंध ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नालों और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बंद हो गई है, जिसका खामियाजा गरीब परिवार भुगत रहे हैं।गुरुवार को समस्या से परेशान लगभग दो दर्जन महिला-पुरुष चौसा अंचल कार्यालय और नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

लगातार उपेक्षा से नाराज लोगों ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल पदाधिकारी नीलेश कुमार और पूर्व जिला पार्षद सह चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव ने बस्ती का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गलियों में जमा गंदे पानी, कीचड़ और बदहाल रास्तों को देखकर अधिकारियों ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया।बस्ती निवासी मोहन मुसहर, चिता मुसहर और भरत मुसहर समेत अन्य लोगों ने बताया कि हल्की बारिश होने पर पूरी बस्ती तालाब में तब्दील हो जाती है। इतना ही नहीं, घरों से निकलने वाला सामान्य पानी भी बाहर नहीं निकल पाता और गलियों में जमा रहता है। जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।इधर, नगर पंचायत की चेयरमैन किरण देवी ने कहा कि नगर पंचायत की ओर से पहले ही कई इलाकों में सरकारी भूमि और नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए अंचल प्रशासन को पत्र भेजा जा चुका है। दिशा की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने में देरी के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और अब इसका सीधा असर वार्ड 12 की महादलित बस्ती पर पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

