सात साल बाद शिकंजे में आए ‘टॉप-10’ के दो इनामी हत्यारे

बक्सर पुलिस को लंबे समय बाद एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल दो इनामी आरोपियों को पुलिस ने कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी वर्ष 2019 में हुए चर्चित बीडीसी पिंटू सिंह हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

सात साल बाद शिकंजे में आए ‘टॉप-10’ के दो इनामी हत्यारे

__ बीडीसी पिंटू सिंह हत्याकांड में कर्नाटक से दबोचे गए आरोपी,

__  गिरफ्तारी से बचने को लगातार बदल रहे थे ठिकाना, पुलिस ने घोषित किया था 15_15 हजार का इनाम 

केटी न्यूज/बक्सर :

बक्सर पुलिस को लंबे समय बाद एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों में शामिल दो इनामी आरोपियों को पुलिस ने कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी वर्ष 2019 में हुए चर्चित बीडीसी पिंटू सिंह हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। करीब सात वर्षों तक पुलिस को चकमा देने के बाद आखिरकार दोनों अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए।गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मल्लाह चकिया निवासी तथा वर्तमान में इटाढ़ी थाना क्षेत्र के पसहरा गांव में रह रहे विकास कुमार उर्फ विकास यादव और मुलायम यादव के रूप में हुई है।

दोनों पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार इनके खिलाफ न्यायालय से वारंट भी जारी किया जा चुका था।एसपी ने बताया कि वर्ष 2019 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भभुवर और महदह गांव के बीच बीडीसी सदस्य पिंटू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्याकांड उस समय जिले में काफी चर्चित रहा था। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन विकास यादव और मुलायम यादव लगातार फरार चल रहे थे।जानकारी के अनुसार पिंटू सिंह सेंट्रल जेल परिसर में ठेकेदारी का काम करते थे। 4 जुलाई 2019 की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह अपने गांव के मुन्ना सिंह के साथ बाइक से बक्सर आ रहे थे।

इसी दौरान भभुवर और महदह के बीच दो बाइक पर सवार पांच अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। अपराधियों ने पहले बाइक रुकवाई और फिर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर पिंटू सिंह की हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।पुलिस जांच में सामने आया था कि दोनों पक्षों के बीच पहले से अदावत चली आ रही थी। इसी पुरानी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई थी। हत्या के बाद से दोनों आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके। बिहार छोड़कर वे दूसरे राज्यों में छिपकर रह रहे थे।एसपी के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम लगातार तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी।

इसी क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी कर्नाटक के कलबुर्गी जिला अंतर्गत शाहाबाद थाना क्षेत्र के रिंग रोड इलाके में छिपे हुए हैं।सूचना मिलते ही विशेष टीम कर्नाटक रवाना हुई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से 18 मई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर बक्सर लाया गया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर अन्य आपराधिक मामलों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।एसपी ने कहा कि लंबे समय से फरार चल रहे इन अपराधियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत भी किया जाएगा।गिरफ्तारी अभियान में सदर एसडीपीओ गौरव पाण्डेय, मुफस्सिल थानाध्यक्ष शंभु कुमार भगत, पुलिस निरीक्षक सुधीर कुमार, डीआईयू के मंगलेश कुमार मधुकर, चंदन कुमार, एसआई मुकेश कुमार तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।