नालंदा के चंडी में मां की हत्या कर भाग रहा हत्यारा बेटा नया भोजपुर से गिरफ्तार
नालंदा जिले के चंडी में संपति विवाद में अपनी मां की हत्या कर भाग रहे हत्यारे बेटे को नया भोजपुर थाने की पुलिस ने एनएच 922 से गिरफ्तार कर लिया है।


-- मां के खून से सनी बेटे के लालच की कहानी, भागते बेटे को बक्सर पुलिस ने एनएच-922 से दबोचा
-- संपत्ति विवाद बना मां की हत्या का कारण, मानसिक लालच और पारिवारिक विघटन पर उठे सवाल
केटी न्यूज/डुमरांव
नालंदा जिले के चंडी में संपति विवाद में अपनी मां की हत्या कर भाग रहे हत्यारे बेटे को नया भोजपुर थाने की पुलिस ने एनएच 922 से गिरफ्तार कर लिया है। मातृहत्याकांड की यह घटना ने रिश्तों की बुनियाद और पारिवारिक मूल्यों को झकझोर कर रख दिया है। जिस मां ने अपने बेटों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी मां की संपत्ति के लालच में हत्या कर दिए जाने की घटना ने समाज को स्तब्ध कर दिया है। घटना के बाद फरार आरोपी बेटे को बक्सर पुलिस की तत्परता से गिरफ्तार कर लिया गया। नया भोजपुर थाना पुलिस ने उसे एनएच-922 पर बड़का ढकाईच के समीप धर दबोचा।मामला नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत नरसंडा बाजार का है। मृतका 55 वर्षीय जिलवी देवी अपने पांच वर्षीय नाती के साथ घर में सो रही थीं।

आरोप है कि बुधवार की देर रात बड़े बेटे चंद्रभूषण कुमार, मंझले बेटे रविशंकर और उनके एक रिश्तेदार ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। महिला की चाकू से गोदकर और गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।गुरुवार सुबह छोटे बेटे रवि राज ने कमरे में मां का शव खून से लथपथ देखा तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही नालंदा पुलिस सक्रिय हुई और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। इसी दौरान इनपुट मिला कि मुख्य आरोपी रविशंकर बक्सर की ओर भाग रहा है तथा वह एनएच 922 पर ब्रह्मपुर से आगे बढ़ रहा है। नालंदा पुलिस ने आरोपित की गिरफ्तारी के लिए तत्काल बक्सर पुलिस व डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही बक्सर पुलिस हरकत में आई।

एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार की टीम ने एनएच-922 पर घेराबंदी कर बड़का ढकाईच गांव के समीप से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कृष्णाब्रह्म थाना लाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद हत्या की मुख्य वजह बनकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से घर में तनाव चल रहा था। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश में आर्थिक लालच और स्वार्थ रिश्तों पर भारी पड़ने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पारिवारिक संवाद खत्म होने लगता है और संपत्ति को रिश्तों से अधिक महत्व दिया जाता है, तब ऐसी भयावह घटनाएं जन्म लेती हैं।इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आधुनिक समाज में पारिवारिक संस्कार और संवेदनाएं कमजोर होती जा रही हैं। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

