आठ सूत्री मांगों को लेकर अंचलाधिकारियों का अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश, कामकाज ठप
बिहार राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर अंचलाधिकारी अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। अंचलाधिकारियों के अवकाश पर चले जाने से अंचल कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।अवकाश के कारण दाखिल खारिज, जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र निर्गत करने, भू–राजस्व वसूली, भूमि विवाद निपटारा सहित अन्य महत्वपूर्ण राजस्व संबंधी कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
केटी न्यूज/केसठ।
बिहार राजस्व सेवा संघ के आह्वान पर अंचलाधिकारी अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। अंचलाधिकारियों के अवकाश पर चले जाने से अंचल कार्यालय का कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।अवकाश के कारण दाखिल खारिज, जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र निर्गत करने, भू–राजस्व वसूली, भूमि विवाद निपटारा सहित अन्य महत्वपूर्ण राजस्व संबंधी कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। स्थिति यह है कि दूर–दराज और सुदूर गांवों से अपने कार्यों के लिए अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि वे काफी दूरी तय कर अंचल कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन अधिकारियों के सामूहिक अवकाश पर रहने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।

इससे सबसे अधिक परेशानी गरीब, मजदूर, वृद्ध एवं जरूरतमंद लोगों को हो रही है, जिनके कार्य राजस्व कार्यालय से सीधे जुड़े होते हैं।बिहार राजस्व सेवा संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार द्वारा उनकी आठ सूत्री मांगों पर ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश जारी रहेगा।गौरतलब है कि विगत 29 जनवरी को हुई मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय क्रमांक 23 एवं 30 के आलोक में अंचलाधिकारियों ने यह कदम उठाया है। फिलहाल अंचल कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है और आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

