हल्का कार्यालय में खुली लापरवाही की परतें, एसडीएम के औचक निरीक्षण से मचा प्रशासनिक हड़कंप
भोजपुर कदीम पंचायत अंतर्गत हल्का कार्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एसडीएम राकेश कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रशासन की जमीनी हकीकत सामने आ गई, जहां कागजों पर चल रहे सिस्टम और वास्तविक कार्यों के बीच भारी अंतर पाया गया। राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की स्थिति देखकर एसडीएम ने गहरी नाराजगी जताई और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।
-- लैंड रिकॉर्ड, आवेदन पंजी और लैंड बैंक कार्य ठप, एक सप्ताह की मोहलत के साथ विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
केटी न्यूज/डुमरांव
भोजपुर कदीम पंचायत अंतर्गत हल्का कार्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एसडीएम राकेश कुमार ने अचानक औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रशासन की जमीनी हकीकत सामने आ गई, जहां कागजों पर चल रहे सिस्टम और वास्तविक कार्यों के बीच भारी अंतर पाया गया। राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की स्थिति देखकर एसडीएम ने गहरी नाराजगी जताई और इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया।जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि भूमि से संबंधित कई आवश्यक रिकॉर्ड अद्यतन नहीं हैं।

लैंड रिकॉर्ड संधारण पंजी, आवेदन पंजी और अन्य अभिलेख लंबे समय से अपडेट नहीं किए गए थे।इससे भी गंभीर बात यह रही कि जनता दरबार और कार्यालय के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर राजस्व कर्मचारी राजू कुमार द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन, आम लोगों को महीनों से अनावश्यक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।निरीक्षण के दौरान सरकार की महत्वाकांक्षी लैंड बैंक योजना से जुड़े कार्य भी आधे-अधूरे पाए गए। एसडीएम ने इसे प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि भूमि रिकॉर्ड का सही और समयबद्ध संधारण शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी कुमार दिनेश को भी एसडीएम के सख्त तेवरों का सामना करना पड़ा। एसडीएम ने सवाल उठाया कि यदि नियमित समीक्षा की जा रही होती, तो स्थिति इतनी बदहाल कैसे हो जाती। उन्होंने समीक्षा प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए।एसडीएम राकेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही भूमि रिकॉर्ड, आवेदन पंजी और लैंड बैंक से संबंधित सभी कार्य पूर्ण रूप से अद्यतन किए जाएं।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जाएगी।औचक निरीक्षण के बाद से ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व कार्यालयों में दस्तावेज दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है, वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों में जवाबदेही को लेकर बेचौनी साफ देखी जा रही है।

