बेटियां भविष्य नहीं, वर्तमान की ताकत हैं, राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बक्सर से सशक्तिकरण का बुलंद संदेश
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बक्सर में आयोजित सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि बालिकाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण का स्पष्ट ऐलान बनकर उभरा। महिला एवं बाल विकास निगम और जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में प्रशासन, विशेषज्ञों और बालिकाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित कर यह संदेश दिया गया कि समाज और शासन दोनों की प्राथमिकता अब बेटियों का सर्वांगीण विकास है।
-- सम्मान, संवाद और संकल्प के मंच से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस
केटी न्यूज/बक्सर
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बक्सर में आयोजित सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि बालिकाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण का स्पष्ट ऐलान बनकर उभरा। महिला एवं बाल विकास निगम और जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में प्रशासन, विशेषज्ञों और बालिकाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित कर यह संदेश दिया गया कि समाज और शासन दोनों की प्राथमिकता अब बेटियों का सर्वांगीण विकास है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी साहिला द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि “बेटियां केवल भविष्य की उम्मीद नहीं, बल्कि आज की निर्णायक शक्ति हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है और पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। नियमित जांच, निगरानी और जन-जागरूकता अभियानों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है।

-- बालिकाओं के अधिकार और सुरक्षा पर केंद्रित संवाद
उप विकास आयुक्त ने बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने, शिक्षा व स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बालिकाओं को अपनी आवाज सही मंच पर उठाने के लिए प्रेरित किया।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) ने शिक्षा को सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव बताते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की जानकारी दी और बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

-- कानून, साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों की सीख
कार्यक्रम में डालसा के अधिवक्ता ने बालिकाओं से जुड़े कानूनों और अधिकारों पर विस्तार से चर्चा कर उन्हें कानूनी रूप से जागरूक किया। वहीं साइबर थाना की महिला पुलिस पदाधिकारी ने सोशल मीडिया के सुरक्षित और नियंत्रित उपयोग की अहमियत बताते हुए साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय साझा किए।महिला चिकित्सिका ने संतुलित आहार, एनीमिया और किशोरावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर सरल भाषा में जानकारी देकर बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

-- योजनाओं से बदली तस्वीर, बदला नजरिया
जिलाधिकारी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना, मिशन शक्ति जैसी पहलें बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार दे रही हैं। इन योजनाओं के सकारात्मक परिणामस्वरूप समाज में बेटियों के प्रति नजरिया बदला है और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। उन्होंने किसी भी समस्या के समाधान के लिए महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क करने की अपील की।

-- सम्मान के मंच से बढ़ा हौसला
कार्यक्रम का एक अहम पहलू प्रतिभाशाली बालिकाओं का सम्मान रहा। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित भाषण, क्विज और पेंटिंग प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया।खेल के क्षेत्र में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बक्सर का नाम रोशन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि बेटियां हर मैदान में जीत दर्ज कर रही हैं। वहीं कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाने वाली प्रतिभावान बालिकाओं को शील्ड और मेडल प्रदान किए गए।

-- संवाद से भरोसे तक
जिलाधिकारी ने बालिकाओं के साथ सीधे संवाद कर उनकी शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। अंत में उन्होंने आमजन से अपील की कि वे बालिकाओं के सम्मान, संरक्षण और सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी प्रयासों के सहभागी बनें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना प्रशासन को दें।यह कार्यक्रम एक स्पष्ट संदेश छोड़ गया बक्सर में बेटियां केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि उन्हें साकार करने की ताकत भी पा रही हैं।
