बोलीदारों की बेरुखी से खाली पड़ा चौसा का सैरात बाजार, नगर पंचायत की आय पर मंडराया संकट
नगर पंचायत चौसा की सैरात-बाजार बंदोबस्ती इस वर्ष भी ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित हॉट-बाजार, मछली बाजार और छोटे-बड़े भाड़े के वाहनों की सैरात की बोली दूसरी निर्धारित तिथि पर भी पूरी नहीं हो सकी। लगातार दूसरी बार एक भी बोलीदाता के उपस्थित नहीं होने से नगर पंचायत की आय व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
-- पिछले साल भी नहीं हो पाई थी बंदोबस्ती, लगातार दूसरी तिथि पर भी नहीं आए बोलीदार बेरूखी से उठ रहे है सवाल
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत चौसा की सैरात-बाजार बंदोबस्ती इस वर्ष भी ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित हॉट-बाजार, मछली बाजार और छोटे-बड़े भाड़े के वाहनों की सैरात की बोली दूसरी निर्धारित तिथि पर भी पूरी नहीं हो सकी। लगातार दूसरी बार एक भी बोलीदाता के उपस्थित नहीं होने से नगर पंचायत की आय व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।बुधवार को आयोजित बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष किरण देवी, दंडाधिकारी पीओ अरुण कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी और सशक्त समिति के सदस्य मौजूद रहे।

प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ खुली डाक की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश की, लेकिन बोलीदाताओं की अनुपस्थिति के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले पहली तिथि पर भी यही स्थिति बनी थी।लगातार दो बार प्रक्रिया बाधित होने से यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर सैरात बंदोबस्ती में दिलचस्पी क्यों नहीं दिखाई जा रही है। स्थानीय जानकारों का मानना है कि बाजार की वर्तमान स्थिति, संभावित लाभ-हानि और प्रशासनिक शर्तों को लेकर असमंजस बोलीदाताओं को पीछे खींच रहा है।नगर पंचायत की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत सैरात से होने वाली आमदनी है। यदि समय पर बंदोबस्ती नहीं होती है तो विकास योजनाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और अन्य मूलभूत कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

पहले से ही सीमित संसाधनों में काम कर रही नगर पंचायत के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।कार्यालय सूत्रों के अनुसार अब 20 फरवरी को अगली तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार इच्छुक अभ्यर्थी सामने आएंगे और राजस्व प्रक्रिया पटरी पर लौटेगी। फिलहाल नगर पंचायत की निगाहें अगली बोली पर टिकी हैं, क्योंकि सैरात की चाबी ही विकास के ताले खोलने में अहम भूमिका निभाती है।

