शादी-ब्याह के सीजन ने बढ़ाई बाजार की रफ्तार, कपड़ा कारोबार में उत्साह तो सर्राफा बाजार पर महंगाई की मार

शादी-विवाह का शुभ लग्न शुरू होते ही डुमरांव के बाजारों में रौनक लौट आई है। शहनाइयों की गूंज के साथ ही वर-वधू पक्ष की तैयारियां तेज हो गई हैं। कपड़ा बाजार, मौर-सिंहोरा, शेरवानी, लहंगा, पगड़ी, वरमाला और सजावटी सामानों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। टेंट हाउस, बैंड-बाजा, होटल और लॉज की बुकिंग भी तेजी से हो रही है, जिससे कारोबारियों में अच्छे व्यवसाय की उम्मीद जगी है।

शादी-ब्याह के सीजन ने बढ़ाई बाजार की रफ्तार, कपड़ा कारोबार में उत्साह तो सर्राफा बाजार पर महंगाई की मार

केटी न्यूज/डुमरांव

शादी-विवाह का शुभ लग्न शुरू होते ही डुमरांव के बाजारों में रौनक लौट आई है। शहनाइयों की गूंज के साथ ही वर-वधू पक्ष की तैयारियां तेज हो गई हैं। कपड़ा बाजार, मौर-सिंहोरा, शेरवानी, लहंगा, पगड़ी, वरमाला और सजावटी सामानों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। टेंट हाउस, बैंड-बाजा, होटल और लॉज की बुकिंग भी तेजी से हो रही है, जिससे कारोबारियों में अच्छे व्यवसाय की उम्मीद जगी है।लग्न को देखते हुए रेडीमेड कपड़ों, जरी रहित साड़ियों, डिजाइनर लहंगा-शेरवानी और गाउन की नई-नई वैरायटी दुकानों में उतारी गई है।

मौर और सिंहोरा बनाने वाले कारीगर दिन-रात काम में जुटे हैं। कई परिवार बेहतर इंतजाम के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बलिया, गाजीपुर और वाराणसी तक बुकिंग कराने जा रहे हैं। फरवरी से शुरू हुए वैवाहिक सीजन को लेकर खुदरा और थोक व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। कारोबारियों का अनुमान है कि इस बार लग्न में करोड़ों रुपये का कारोबार होगा।हालांकि, इस उत्साह के बीच सर्राफा बाजार की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। सोना-चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आभूषणों की बिक्री पर पड़ा है। महंगाई के कारण ग्राहक कम बजट में हल्के वजन के गहनों की मांग कर रहे हैं।

स्वर्णकारों को भी ग्राहकों की जरूरत के अनुसार छोटे और हल्के डिजाइन तैयार करने पड़ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि खरमास समाप्त हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अपेक्षित बिक्री अब तक नहीं हो सकी है।पंडितों के अनुसार विवाह जैसे मांगलिक कार्यों में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व होता है, इसी कारण लोग लग्न के अनुसार ही खरीदारी और आयोजन कर रहे हैं। कुल मिलाकर, शादी के सीजन ने बाजार में चहल-पहल तो बढ़ा दी है, लेकिन बढ़ती महंगाई ने कुछ क्षेत्रों में कारोबारियों की चिंता भी बढ़ा दी है।