युवाओं के लिए संजीवनी का काम कर रहा है स्वामीजी का “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का विचार - दत्त

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर चुरामनपुर गांव में आयोजित एक सादे लेकिन प्रेरणादायक कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के विचारों को प्रकृति संरक्षण के साथ जोड़ते हुए युवाओं को जीवन का नया दृष्टिकोण दिया गया। दत्त क्लासेस के संचालक अविनाश दत्त ने पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे।

युवाओं के लिए संजीवनी का काम कर रहा है स्वामीजी का “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का विचार - दत्त

केटी न्यूज/बक्सर

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर चुरामनपुर गांव में आयोजित एक सादे लेकिन प्रेरणादायक कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के विचारों को प्रकृति संरक्षण के साथ जोड़ते हुए युवाओं को जीवन का नया दृष्टिकोण दिया गया। दत्त क्लासेस के संचालक अविनाश दत्त ने पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। उनके विचारों में धर्म, मानवता और कर्म का ऐसा संतुलन है, जो युवाओं को आत्मिक और मानसिक मजबूती प्रदान कर सकता है।

अविनाश दत्त ने कहा कि वर्तमान समय में युवा वर्ग तनाव, अवसाद, निराशा और आंतरिक संघर्षों से जूझ रहा है। सोशल मीडिया और प्रतिस्पर्धा के इस दौर में जीवन की दिशा भटकती जा रही है। ऐसे में स्वामी विवेकानंद के विचार “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” युवाओं के लिए संजीवनी का काम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस 12 जनवरी को भारत सरकार ने वर्ष 1984 से राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, ताकि युवा पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कुल 11 पौधे लगाए गए, जिनमें आम और आंवला जैसे उपयोगी और दीर्घकालिक फलदार पौधे शामिल थे। यह पौधरोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य का संकल्प बताया गया।इस अवसर पर हर्षित तिवारी, अमित राज, अमित यादव, युवराज कुमार, संजना कुमारी, लालजी सिंह, सूरज कुमार, रोहित यादव, नंदनी कुमारी, पूजा, सपना, निपुंजय सहित कई छात्र-छात्राएं और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब विचार और कर्म एक साथ चलें, तभी सच्चा युवा निर्माण संभव होगा।