ज्ञान-संरक्षण के प्रहरी बने पूर्णानंद मिश्रा व नरोत्तम द्विवेदी, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो सांस्कृतिक कर्मियों को शनिवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी साहिला ने पूर्णानंद मिश्रा एवं नरोत्तम द्विवेदी को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।

ज्ञान-संरक्षण के प्रहरी बने पूर्णानंद मिश्रा व नरोत्तम द्विवेदी, जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

__ भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण में योगदान के लिए मिला सम्मान, ज्ञान भारतम मिशन को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प

केटी न्यूज/बक्सर

भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो सांस्कृतिक कर्मियों को शनिवार को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिलाधिकारी साहिला ने पूर्णानंद मिश्रा एवं नरोत्तम द्विवेदी को प्रशस्ति देकर सम्मानित किया और उनके प्रयासों की सराहना की।कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति का मूल आधार उसकी समृद्ध ज्ञान-संपदा है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन इसी उद्देश्य को लेकर कार्य कर रहा है, जिसके माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, लोक परंपराओं तथा सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ज्ञान और संस्कृति की इस विरासत को बचाने का कार्य केवल सरकारी संस्थाओं के भरोसे नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के जागरूक नागरिकों, विद्वानों, शोधकर्ताओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। पूर्णानंद मिश्रा और नरोत्तम द्विवेदी जैसे लोगों का योगदान इस दिशा में प्रेरणादायक है, जो अपने स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार में लगातार सक्रिय हैं।

सम्मान प्राप्त करने के बाद दोनों सम्मानित व्यक्तियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का सम्मान है जो भारतीय संस्कृति, इतिहास और ज्ञान-विरासत को सुरक्षित रखने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन के उद्देश्यों को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का संकल्प दोहराया।कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य नागरिकों ने भी दोनों सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दीं।

वक्ताओं ने कहा कि आधुनिकता के दौर में अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना बेहद जरूरी है और ऐसे प्रयास समाज को अपनी गौरवशाली विरासत के प्रति जागरूक करने का कार्य करते हैं।सम्मान समारोह का माहौल उत्साह और गौरव से भरा रहा। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई गति मिलेगी तथा आने वाली पीढ़ियां अपनी ऐतिहासिक धरोहरों से और अधिक जुड़ सकेंगी।