मातृ दिवस पर गंगा घाट से उठा स्वच्छता का संकल्प

मातृ दिवस के अवसर पर चौसा बाजार घाट रविवार को स्वच्छता, सेवा और जनजागरण का केंद्र बना रहा। गंगा युवा समिति, चौसा बक्सर के तत्वावधान में आयोजित 333वें रविवार गंगा सफाई महाअभियान में युवाओं और स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर घाट परिसर की साफ-सफाई की तथा मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

मातृ दिवस पर गंगा घाट से उठा स्वच्छता का संकल्प

--चौसा में 333वें रविवार श्रमदान अभियान के तहत युवाओं ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

केटी न्यूज/चौसा :

मातृ दिवस के अवसर पर चौसा बाजार घाट रविवार को स्वच्छता, सेवा और जनजागरण का केंद्र बना रहा। गंगा युवा समिति, चौसा बक्सर के तत्वावधान में आयोजित 333वें रविवार गंगा सफाई महाअभियान में युवाओं और स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर घाट परिसर की साफ-सफाई की तथा मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प दोहराया।अभियान के दौरान घाट पर फैले प्लास्टिक कचरे, पूजा सामग्री के अवशेष और अन्य अपशिष्टों को हटाकर पूरे परिसर की सफाई की गई। समिति के सदस्यों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए गंगा घाटों को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील भी की।

मातृ दिवस के मौके पर अभियान ने भावनात्मक रूप लेते हुए “मां गंगा की सेवा ही सच्चा मातृ सम्मान” का संदेश दिया।अभियान का नेतृत्व कर रहे गंगा युवा समिति के संयोजक भरत पांडेय ने कहा कि मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और उनकी स्वच्छता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहा यह श्रमदान अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। “हर रविवार गंगा पुकार, निर्मल गंगा संकल्प हमारा” के उद्देश्य के साथ समिति लगातार लोगों को जोड़ रही है।उन्होंने आम लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन अपने आसपास के घाट, तालाब या सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान करने की अपील की।

उनका कहना था कि यदि समाज का हर व्यक्ति स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी माने, तो पर्यावरण संरक्षण का सपना आसानी से साकार हो सकता है।भरत पांडेय ने कहा कि चौसा की ऐतिहासिक और पौराणिक धरती पर बहने वाली उत्तरवाहिनी गंगा की स्वच्छता के लिए चलाया जा रहा यह अभियान नई पीढ़ी में सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण की भावना को मजबूत कर रहा है।अभियान में श्रीराम मालाकार, राधेश्याम चौधरी सहित कई लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।