दीदी की रसोई बनेगी “दीदी कैफे”, लापरवाह अधिकारियों का वेतन रुका

जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र तथा जीविका से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दीदी की रसोई बनेगी “दीदी कैफे”, लापरवाह अधिकारियों का वेतन रुका

__ डीएम साहिला की सख्ती : मनरेगा प्रगति खराब होने पर छह कार्यक्रम पदाधिकारियों पर कार्रवाई, खेल अवसंरचना व ग्रामीण हाट बाजार के विकास का निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र तथा जीविका से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कार्यों में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में जिलाधिकारी ने जिला परियोजना प्रबंधक जीविका को निर्देश दिया कि “दीदी की रसोई” को आधुनिक स्वरूप देते हुए इसे मॉडल “दीदी कैफे” के रूप में विकसित किया जाए, ताकि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाओं को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिलाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे बदलते समय के अनुरूप अपने कार्यों को और बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभुकों को संबंधित विभागों से जोड़कर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। इससे प्रशिक्षण के बाद युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहायता मिलेगी।बैठक में मनरेगा की समीक्षा के दौरान मानव दिवस सृजन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने बक्सर, इटाढ़ी, राजपुर, सिमरी, नावानगर और चौगाई के कार्यक्रम पदाधिकारियों का एक माह का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखेगा, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।इसके साथ ही सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि उनके क्षेत्र में निर्मित खेल अवसंरचनाओं की एक सप्ताह के भीतर जांच कर उसकी छायाचित्र सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेल सुविधाओं पर खर्च की जा रही राशि का लाभ युवाओं तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि को चिन्हित कर ग्रामीण हाट बाजार विकसित करने का भी निर्देश दिया।

उनका कहना था कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारियों और स्वयं सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।बैठक में श्रमिकों के ई-केवाईसी कार्य की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताई गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य पूरा कराया जाए, ताकि मजदूरों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी का रुख पूरी तरह सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।