इलाज के दौरान बीएसएफ जवान शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह का निधन, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
जिले के तिलक राय के हाता गांव का लाल और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर के आंगन में चीख-पुकार और मातम का ऐसा माहौल था कि हर आंख नम हो उठी।

केटी न्यूज/बक्सर
जिले के तिलक राय के हाता गांव का लाल और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर के आंगन में चीख-पुकार और मातम का ऐसा माहौल था कि हर आंख नम हो उठी।मिली जानकारी के अनुसार शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह, स्वर्गीय अर्जुन सिंह के पुत्र थे और वर्तमान में बीएसएफ में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग त्रिपुरा में थी, जहां वे देश सेवा के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे।

बताया जाता है कि दो दिन पूर्व रामदास राय के डेरा थाना क्षेत्र के गंगौली गांव के पास कोईलवर तटबंध पर सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव समेत पूरे जिले में शोक की लहर फैल गई। रविवार को जब उनका शव गांव पहुंचा तो हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने गांव के वीर सपूत की एक झलक पाने को आतुर दिखा। परिजनों की हालत देख मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं।

उनकी माता कालरात्रि देवी बेसुध होकर बेटे को पुकारती रहीं, जबकि पुत्र अखिलेश कुमार सिंह और श्रीकांत सिंह सहित अन्य परिजन गहरे सदमे में थे।गांव के लोगों ने नम आंखों से अपने लाल को अंतिम विदाई दी। तिलक राय के हाता थाना की पुलिस ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों ने सलामी दी तो माहौल और भी गमगीन हो गया। पूरा गांव “भारत माता की जय” और “शहीद सत्येंद्र प्रताप सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।देश की सेवा में समर्पित इस वीर सपूत की विदाई ने हर किसी को भावुक कर दिया। गांव वालों ने कहा कि सत्येंद्र प्रताप सिंह ने देश का नाम रोशन किया है और उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

