प्रमुख-उप प्रमुख के खिलाफ अविश्वास से राजपुर की राजनीति गरमाई, विशेष बैठक पर टिकी सबकी नजर
राजपुर प्रखंड की पंचायत राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब प्रखंड प्रमुख मंजू देवी और उप प्रमुख मजीदन खातून के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन बीडीओ सिद्धार्थ कुमार को सौंप दिया। पिछले तीन सप्ताह से चल रही अटकलों के बीच यह कदम उठाए जाने के बाद प्रखंड की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड की पंचायत राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब प्रखंड प्रमुख मंजू देवी और उप प्रमुख मजीदन खातून के खिलाफ पंचायत समिति सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन बीडीओ सिद्धार्थ कुमार को सौंप दिया। पिछले तीन सप्ताह से चल रही अटकलों के बीच यह कदम उठाए जाने के बाद प्रखंड की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।जानकारी के अनुसार, प्रखंड प्रमुख के खिलाफ रसेन पंचायत की बीडीसी राधिका देवी के नेतृत्व में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया, जिस पर 26 पंचायत समिति सदस्यों में से 14 ने हस्ताक्षर किए हैं।

वहीं उप प्रमुख के खिलाफ बन्नी पंचायत की बीडीसी सदस्य मानती देवी की अगुवाई में आवेदन दिया गया। आवेदन सौंपने के दौरान कई पंचायत समिति सदस्य बीडीओ कार्यालय में मौजूद रहे।अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों ने प्रमुख और उप प्रमुख पर कार्य संचालन में शिथिलता, समिति गठन में अनियमितता, सदस्यों की बातों की अनदेखी, योजनाओं में समान भागीदारी नहीं देने, समय पर भुगतान नहीं कराने तथा नियमित बैठक नहीं बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। विरोधी गुट का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व पंचायत समिति सदस्यों का भरोसा खो चुका है और अब नैतिक तथा प्रशासनिक रूप से पद पर बने रहने का आधार कमजोर पड़ गया है।

इस घटनाक्रम के बाद अब सबकी नजर पंचायत समिति की विशेष बैठक पर टिक गई है। बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया बैठक और मत विभाजन के जरिए पूरी की जाएगी। बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है और इसकी सूचना प्रमुख को पत्र के माध्यम से दे दी गई है। नियमानुसार प्रमुख को आठ दिनों के भीतर बैठक आहूत करनी होगी, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।अविश्वास प्रस्ताव के बाद राजपुर प्रखंड की राजनीति में नया समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

