नन्हें कदमों से बड़े सपनों तक: धूमधाम से संपन्न हुआ राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिकोत्सव
डुमरांव के राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं, प्रतिभा और प्रेरणा का जीवंत संगम बन गया। शनिवार को आयोजित इस भव्य आयोजन में बच्चों की प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं विद्यालय की यात्रा और उससे जुड़ी यादों ने माहौल को भावुक भी कर दिया।

__ मंच पर चमकी प्रतिभा, भावनाओं से भरा रहा वार्षिकोत्सव
__ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच यादों, सम्मान और सामाजिक संदेशों ने बनाया कार्यक्रम को खास
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव के राइजिंग सन इंटरनेशनल स्कूल का वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनाओं, प्रतिभा और प्रेरणा का जीवंत संगम बन गया। शनिवार को आयोजित इस भव्य आयोजन में बच्चों की प्रस्तुतियों ने जहां दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं विद्यालय की यात्रा और उससे जुड़ी यादों ने माहौल को भावुक भी कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।शुभारंभ डुमरांव एसडीएम राकेश कुमार, एमडी सिद्धार्थ ठाकुर विद्यालय के निदेशक ब्रह्मा ठाकुर आदि ने किया। वही एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा बढ़ा दी। इसके बाद जैसे ही मंच पर नन्हे बच्चों ने कदम रखा, पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। छोटे-छोटे कलाकारों का आत्मविश्वास और ऊर्जा दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।कार्यक्रम का असली रंग तब नजर आया जब एक के बाद एक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। देशभक्ति गीतों पर झूमते बच्चों ने जहां दिलों में जोश भरा, वहीं सामाजिक मुद्दों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियों ने सोचने पर मजबूर कर दिया। खासतौर पर मोबाइल फोन के दुरुपयोग पर प्रस्तुत नाटक ने अभिभावकों और छात्रों दोनों को एक अहम संदेश दिया कि तकनीक का सही उपयोग ही जीवन को बेहतर बना सकता है।


इस मौके पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक ने स्कूल की स्थापना की कहानी साझा करते हुए उन मूल्यों को याद किया, जिनके आधार पर इस संस्थान की नींव रखी गई थी। उन्होंने बताया कि यह विद्यालय सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि एक सोच और उद्देश्य का परिणाम है। अपने एक साथी के असामयिक निधन को याद करते हुए उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि उनके सपनों को आगे बढ़ाना ही अब विद्यालय परिवार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभा को सम्मान भी मिला। मेधावी छात्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य छात्रों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

‘बेस्ट परफॉर्मर’, ‘बेस्ट स्टूडेंट’ और ‘बेस्ट आउटगोइंग स्टूडेंट’ जैसे पुरस्कारों ने बच्चों के चेहरों पर खुशी और गर्व दोनों झलकाए।विद्यालय प्रबंधन ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनकी असली ताकत सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और शिक्षकों की मजबूत टीम है। यही तत्व छात्रों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ, लेकिन इसके साथ ही सभी के मन में एक यादगार अनुभव भी रह गया। यह वार्षिकोत्सव यह संदेश देने में सफल रहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदना और सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

