डुमरांव में जल संरक्षण पर मंथन, गांव-गांव तक संगठन विस्तार का लिया संकल्प
डुमरांव के बड़ा बाग परिसर में आयोजित गंगा समग्र की संभागीय बैठक में जल संरक्षण, समाज जागरण और संगठन विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने गंगा सहित अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति तैयार की।
__ गंगा समग्र की संभागीय बैठक में जैविक खेती, जल स्रोतों की स्वच्छता और कार्यकर्ता बढ़ाने पर बनी रणनीति
केटी न्यूज/डुमरांव:
डुमरांव के बड़ा बाग परिसर में आयोजित गंगा समग्र की संभागीय बैठक में जल संरक्षण, समाज जागरण और संगठन विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने गंगा सहित अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति तैयार की।कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गंगा गीत और मंत्रोच्चार के साथ किया गया, जिसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर बैठक का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसके लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है।

प्रांत स्तर के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में बताया कि संगठन अब केवल गंगा नदी तक सीमित नहीं है, बल्कि आहर, पाइन, तालाब और नहर जैसे सभी जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को देखते हुए जागरूकता अभियान तेज किए जाएंगे।बैठक में जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। किसानों को रासायनिक खेती से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करने और उन्हें प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने की योजना साझा की गई। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को गांव स्तर तक ले जाने की बात कही गई।

मुख्य अतिथि ने कहा कि गंगा संरक्षण को लेकर चल रहे प्रयासों का असर अब दिखने लगा है और सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने सभी जिला संयोजकों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करें और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।बैठक में बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास जिलों के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। अंत में सभी ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

