स्थापना शाखा में जिलाधिकारी ने लापरवाही पर जताई सख्त नाराज़गी
जिला प्रशासन की सुस्ती और वर्षों से लंबित मामलों पर अब सीधा प्रहार शुरू हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी साहिला ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्थापना शाखा बक्सर का औचक निरीक्षण कर कार्यालयी व्यवस्था की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान फाइलों की अव्यवस्था, काम में देरी, बायोमैट्रिक उपस्थिति में लापरवाही और कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।
-- फाइलों की अव्यवस्था और देर से आने वाले कर्मियों पर कसा शिकंजा
केटी न्यूज/बक्सर
जिला प्रशासन की सुस्ती और वर्षों से लंबित मामलों पर अब सीधा प्रहार शुरू हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी साहिला ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत स्थापना शाखा बक्सर का औचक निरीक्षण कर कार्यालयी व्यवस्था की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान फाइलों की अव्यवस्था, काम में देरी, बायोमैट्रिक उपस्थिति में लापरवाही और कर्मचारियों की ढीली कार्यशैली पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया।निरीक्षण साफ संकेत देता है कि अब प्रशासनिक कामकाज पुराने ढर्रे पर नहीं चलेगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।

-- अनुकम्पा और सेवांत लाभ में देरी पर प्रशासन सख्त
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने अनुकम्पा नियुक्ति और सेवांत लाभ से जुड़े मामलों की स्थिति की गहन समीक्षा की। पाया गया कि कई मामले अनावश्यक रूप से लंबित हैं, जिससे संबंधित लाभुक वर्षों से भटक रहे हैं। इस पर नाराज़गी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों का त्वरित और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने दो टूक कहा कि मानवीय आधार पर जुड़े इन मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-- प्रोन्नति, एसीपी/एमएसीपी और सेवा संपुष्टि में टालमटोल खत्म
कर्मचारियों के प्रोन्नति, एसीपी/एमएसीपी और सेवा संपुष्टि से जुड़े मामलों को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन विषयों पर विशेष बैठक आयोजित कर समयसीमा के भीतर निर्णय लिया जाए।जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलें रोककर रखना या एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालना अब नहीं चलेगा। हर अधिकारी को अपने स्तर पर जवाब देना होगा।
-- फाइलों का अंबार और अव्यवस्थित रिकॉर्ड पर फटकार
स्थापना शाखा में संचिकाओं की स्थिति देखकर जिलाधिकारी असंतुष्ट दिखीं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी फाइलों को वर्गीकृत कर विधिवत संधारित किया जाए और संबंधित आलमीरा या रैक पर स्पष्ट विवरणी अंकित हो।साथ ही यह भी कहा गया कि जो संचिकाएं अब अकार्यरत हैं, उन्हें विभागीय नियमों के अनुसार अभिलेखागार में भेजा जाए। रिकॉर्ड प्रबंधन में लापरवाही को प्रशासनिक अपराध की श्रेणी में मानने का संकेत भी उन्होंने दिया।

-- देर से आने वाले कर्मियों को सुनाई खरी-खरी
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई कर्मी नियमित रूप से देर से कार्यालय पहुंचते हैं और काम की गुणवत्ता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य योजना बनाकर कार्यालय अवधि में ही गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादित किया जाए।उन्होंने कहा कि “कार्यालय समय केवल उपस्थिति के लिए नहीं, बल्कि जनहित के कार्यों के निष्पादन के लिए है।”
-- बायोमैट्रिक में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस की तैयारी
बायोमैट्रिक प्रणाली के बावजूद कई कर्मियों द्वारा उपस्थिति दर्ज न कराने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने कड़ा ऐक्शन लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे कर्मियों से कारण पृच्छा की जाए और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। यह स्पष्ट कर दिया गया कि तकनीकी व्यवस्था के रहते लापरवाही अब सीधे अनुशासनहीनता मानी जाएगी।

-- साफ-सफाई और कार्यसंस्कृति सुधार पर ज़ोर
कार्यालय परिसर की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने प्रत्येक सप्ताह विशेष साफ-सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण से ही बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित होती है।
-- निरीक्षण से साफ संदेशरू अब जवाबदेही तय होगी
स्थापना शाखा में जिलाधिकारी का यह निरीक्षण महज औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुधार की ठोस शुरुआत मानी जा रही है। संदेश साफ है, लापरवाही, देरी और अव्यवस्था के दिन अब खत्म होने वाले हैं।अब देखना यह होगा कि दिए गए निर्देश कागजों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की तस्वीर जमीन पर भी दिखाई देती है।
