315वें रविवार भी नहीं टूटा संकल्प, चौसा में जनभागीदारी से गंगा स्वच्छता की मिसाल

चौसा में गंगा स्वच्छता अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। ‘हर रविवार गंगा पुकार दृ निर्मल गंगा संकल्प हमारा’ के उद्घोष के साथ रविवार को 315वें साप्ताहिक गंगा स्वच्छता महाअभियान का आयोजन कर यह संदेश दिया गया कि निरंतरता और जनभागीदारी से ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। नगर पंचायत चौसा के बाजार घाट पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चले इस अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

315वें रविवार भी नहीं टूटा संकल्प, चौसा में जनभागीदारी से गंगा स्वच्छता की मिसाल

केटी न्यूज/चौसा

चौसा में गंगा स्वच्छता अब केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। ‘हर रविवार गंगा पुकार दृ निर्मल गंगा संकल्प हमारा’ के उद्घोष के साथ रविवार को 315वें साप्ताहिक गंगा स्वच्छता महाअभियान का आयोजन कर यह संदेश दिया गया कि निरंतरता और जनभागीदारी से ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। नगर पंचायत चौसा के बाजार घाट पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक चले इस अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

इस पहल का नेतृत्व कर रहे गंगा युवा समिति, चौसा के संयोजक भरत पांडेयकृजिन्हें स्थानीय लोग ‘गंगा पुत्र’ के नाम से जानते हैंकृने एक बार फिर यह साबित किया कि सामाजिक बदलाव किसी सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि लोगों की सामूहिक इच्छाशक्ति से आता है। उनके मार्गदर्शन में युवाओं ने गंगा तट की सफाई की, कचरे का निस्तारण किया और घाट को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया।

अभियान के दौरान स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं, खासकर माता-बहनों और युवाओं को गंगा की पवित्रता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प दिलाया गया। प्लास्टिक और अपशिष्ट से दूर रहने, पूजा सामग्री को निर्धारित स्थान पर ही विसर्जित करने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्वच्छता केवल श्रमदान तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन की प्रक्रिया है।

स्थानीय युवाओं का कहना है कि इस नियमित अभियान ने उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार बनाया है। हर रविवार घाट पर जुटकर सफाई करना उनके लिए सेवा और संस्कार दोनों बन गया है। अभियान में मंगल देव पासवान, राधेश्याम चौधरी, प्रमोद कुमार, नीरज चौरसिया सहित अनेक युवा सक्रिय रूप से शामिल रहे।315 सप्ताहों से लगातार जारी यह प्रयास चौसा के लिए एक उदाहरण बन चुका हैकृजहां युवा नेतृत्व, सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।