बक्सर में 9 मई की राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, समाधान समारोह को लेकर डीएलएसए की बैठक

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) बक्सर ने वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत तथा नालसा प्रायोजित “समाधान समारोह” कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को डीएलएसए कार्यालय परिसर में अवर न्यायाधीश-सह-सचिव नेहा दयाल की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत पारा विधिक स्वयंसेवकों और पैनल अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बक्सर में 9 मई की राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी तेज, समाधान समारोह को लेकर डीएलएसए की बैठक

__ पारा विधिक स्वयंसेवकों और पैनल अधिवक्ताओं को मिला जिम्मा, घर-घर पहुंचाकर देंगे सुलह व कानूनी सहायता की जानकारी

केटी न्यूज/बक्सर 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) बक्सर ने वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत तथा नालसा प्रायोजित “समाधान समारोह” कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को डीएलएसए कार्यालय परिसर में अवर न्यायाधीश-सह-सचिव नेहा दयाल की अध्यक्षता में जिले में कार्यरत पारा विधिक स्वयंसेवकों और पैनल अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में सचिव ने कहा कि आम लोगों को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना न्याय व्यवस्था की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में समाधान समारोह आयोजित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से आपसी सहमति और संवाद से लंबित मामलों का निपटारा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह अभियान 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है, जबकि इसका समापन अगस्त माह में विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगा। इस दौरान ऐसे मामलों की पहचान कर पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिनका समाधान बातचीत और सहमति से संभव है।बैठक में विशेष रूप से सर्वोच्च न्यायालय में लंबित पारिवारिक विवाद, दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, भू-अधिग्रहण, श्रम विवाद तथा सुलहनीय आपराधिक मामलों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों के पक्षकार यदि चाहें तो मध्यस्थता केंद्रों के माध्यम से आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इच्छुक पक्षकार निर्धारित प्रपत्र भरकर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित की गई है।

बैठक में मौजूद पारा विधिक स्वयंसेवकों को निर्देश दिया गया कि वे नोटिस वितरण के दौरान संबंधित पक्षकारों को मध्यस्थता, लोक अदालत और समाधान समारोह के लाभों की जानकारी दें। उन्हें बताया जाए कि लंबी अदालती प्रक्रिया, समय और खर्च से बचने के लिए लोक अदालत एक प्रभावी विकल्प है।सचिव ने कहा कि 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, राजस्व वाद समेत कई मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाएगा। अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए सभी संबंधित कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया है।बैठक में सत्यम पांडे, मुंतज़िर अहमद, कविंद्र पाठक, प्रिया कुमारी, नीतू कुमारी, अजीत कुमारी, अनिल गुप्ता, शिवदयाल पांडे, अंजुम कुमार रावत सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।